बंगाल की खाड़ी में गहराया लो प्रेशर, उठेगा बारिश का तूफ़ान, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से लो प्रेशर एरिया बना था, जो अब समुद्र में एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर में बदल चुका है। यह सिस्टम ऊपरी वायुमंडल तक फैला हुआ है और ऊँचाई पर दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है, जो इसके मजबूत होने का संकेत है। अगले 24 घंटों में यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए ओडिशा पहुंचेगा।

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ओडिशा से महाराष्ट्र तक बने घने बादलों के गुच्छे
यह मौसम प्रणाली दक्षिण ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र पर घने बादलों के गुच्छों के रूप में दिखाई दे रही है। सिस्टम से काफी दूर तक कन्वर्जेंस (बादलों के मिलने का क्षेत्र) फैला हुआ है। इसी वजह से देश के पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में इस हफ्ते सक्रिय से प्रबल मानसून परिस्थितियाँ बनी रहेंगी, हालांकि अलग-अलग चरणों में।
अगले 24 घंटे: छत्तीसगढ़-तेलंगाना-महाराष्ट्र में भारी बारिश
अगले 24 घंटों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें होंगी। इसके बाद के 24 घंटों में भारी बारिश का दायरा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान-गुजरात के किनारे तक पहुँच जाएगा।
29 से 31 अगस्त: गुजरात-राजस्थान में सबसे ज्यादा असर
29 से 31 अगस्त के बीच गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके साथ ही इंडो-गंगेटिक मैदानों पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली तक भी इस हफ्ते भारी वर्षा देखने को मिलेगी।
कोकण-गोवा में ज्यादा और दक्षिणी प्रायद्वीप में कम बरसात
पश्चिमी घाटों के साथ-साथ कोकण और गोवा क्षेत्र, जिसमें मुंबई और उसके उपनगर शामिल हैं, में लगातार मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी। वहीं, दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों तमिलनाडु, रायलसीमा, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप द्वीप समूह में इस दौरान बहुत कम बारिश होगी और अधिकांश जगहों पर मौसम शुष्क रहेगा।
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