अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर, मानसून की विदाई पर ब्रेक, कई राज्यों में झमाझम बारिश
भारतीय समुद्रों में इस समय दो निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) बने हुए हैं, एक पूर्वी ओर औ दूसरा पश्चिमी ओर। पश्चिमी हिस्से में लो-प्रेशर क्षेत्र कच्छ की खाड़ी और इससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में सक्रिय है। अगले 12-24 घंटों में यह पूरी तरह से अरब सागर पर पहुँचकर डिप्रेशन (Depression) में बदल सकता है। इसका केंद्र 22°N और 68°E के पास है, यानी जमीन और समुद्र दोनों के बेहद करीब। इस सिस्टम के चारों ओर लगभग 50 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएँ बह रही हैं। अनुमान है कि यह पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर-पश्चिम अरब सागर तक पहुँच जाएगा।
बंगाल की खाड़ी में दूसरा मजबूत लो-प्रेशर
दूसरा लो-प्रेशर क्षेत्र पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में है, जो अब मजबूत होकर स्पष्ट लो प्रेशन बन गया है। इसका केंद्र 15.5°N और 86°E पर है और इसके चारों ओर 55-60 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएँ चल रही हैं। यह सिस्टम जल्द ही डिप्रेशन में तब्दील होकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती इलाकों के करीब पहुँच जाएगा। आगे चलकर इसके 3 अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्रप्रदेश के तट से टकराने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र, फोटो: CIMSS
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी होगा शामिल
जब ये दोनों सिस्टम पश्चिम और पूर्वी हिस्सों में बारिश कराएंगे, तभी 4 अक्टूबर को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी मौसम के इस क्षेत्र में शामिल हो जाएगा। इसका चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic circulation) सीमा पार करते हुए 5 अक्टूबर को उत्तर राजस्थान और पंजाब में पहुँचेगा। इन सभी सिस्टम के संयुक्त असर से 10 अक्टूबर तक अलग-अलग हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा।
अरब सागर में बना निम्न दबाव, फोटो: CIMSS
कई राज्यों में बारिश का असर
इन सिस्टम्स के प्रभाव से पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश होगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक इसका असर पहुँचेगा। उत्तर भारत के सभी पहाड़ी राज्यों में भी बारिश और खराब मौसम का हिस्सा देखने को मिलेगा। 6 और 7 अक्टूबर को इन हिस्सों में भारी और तीव्र मौसम गतिविधि की आशंका है।
मानसून वापसी पर ब्रेक
मौसम की इतनी व्यापक और तीव्र गतिविधि को देखते हुए, अगले लगभग 10 दिनों तक मानसून की वापसी (Withdrawal) रुकी रहेगी। यहाँ तक कि उन इलाकों में भी बारिश लौटेगी, जहाँ पिछले महीने ही मानसून की विदाई की घोषणा की गई थी। बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम बनने की संभावना है, जिसकी वजह से पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में 10 अक्टूबर के बाद भी मानसूनी गतिविधियाँ जारी रहेंगी।
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