Monsoon Update: मानसून की वापसी रुकी, देश में फिर सक्रिय हुआ मौसम, बारिश रहेगी जारी
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार जल्दी वापसी शुरू कर दी है। 14 सितम्बर 2025 को पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी की घोषणा हुई। अब तक यह मानसून पूरे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरी पर्वतीय राज्यों, लगभग पूरे गुजरात, पश्चिम और उत्तर मध्य प्रदेश व पश्चिमी उत्तर प्रदेश से विदा हो चुका है। मानसून वापसी की रेखा इस समय वेरावल, भरूच, उज्जैन, झांसी, शाहजहांपुर और नेपाल की तराई से होकर गुजर रही है। इन सभी इलाकों से मानसून या तो समय पर या तय समय से पहले ही विदा हुआ है।
मौसम में अचानक बदलाव
मैदानों में मौसम की स्थिति एक बार फिर बदल गई है। पूर्वी हवाएँ बहने लगी हैं, नमी बढ़ गई है और आसमान पर परतदार बादल (Sheet Clouds) दिखने लगे हैं। ये सब संकेत हैं कि अब बारिश लौट सकती है। आज 30 सितंबर और कल 1 अक्टूबर से लेकर इस पूरे हफ्ते उत्तर भारत के मैदानों में कहीं–कहीं बारिश होने के आसार हैं। आश्चर्य की बात यह है कि बारिश उन्हीं इलाकों में होगी जहाँ से मानसून की विदाई की घोषणा हो चुकी थी।
सैटेलाइन इमेज: Himawari
मौसम का गणित: क्यों लौट रही है बारिश?
मौसम के बदलाव के पीछे कई सिस्टम जिम्मेदार हैं। पश्चिम प्रशांत महासागर (West Pacific) से उठे कुछ सिस्टम वियतनाम, थाईलैंड और म्यांमार होते हुए बंगाल की खाड़ी तक पहुँच रहे हैं। इनमें से एक सिस्टम का असर पूरा देश पार करके गुजरात और कच्छ तक पहुँच चुका है। वहाँ यह कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) के रूप में बना हुआ है और अगले 3 दिन तक वहीं टिका रह सकता है। बाद में यह अरब सागर की गहराई में पहुँचकर डिप्रेशन भी बन सकता है।
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम
इसी बीच, बंगाल की खाड़ी के उत्तर अंडमान सागर और आसपास के हिस्सों में एक और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) से नया लो प्रेशर बना है। इसका केंद्र लगभग 15.6°N और 89.6°E पर है। यह सिस्टम भी समुद्र में ताकतवर होगा और बाद में जमीन की ओर बढ़ेगा।
असर: फिर से सक्रिय होगा मानसून
इन दोनों सिस्टम के असर से आने वाले एक हफ्ते तक देश के बड़े हिस्से में बारिश जारी रहेगी। बारिश के मुख्य क्षेत्र पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और कोकण–गोवा (मुंबई सहित)होंगे। हालांकि, यह बारिश हर जगह एक साथ नहीं होगी बल्कि अलग–अलग इलाकों में बारी–बारी से (staggered manner) होगी।
वापसी पर विराम
इन सिस्टम के कारण मानसून की वापसी की प्रक्रिया अभी रुक जाएगी। अब अगले कम से कम 10 दिनों तक मानसून की वापसी दोबारा शुरू नहीं होगी।




