दिल्ली-NCR में रविवार तक बारिश के आसार, अगले सप्ताह 35-36°C तक पहुंचेगा तापमान, बढ़ेगी गर्मी-उमस
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली के पालम में 28.4 मिमी और सफदरजंग में 8.1 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- सफदरजंग में 1-20 अगस्त के बीच 272.6 मिमी बारिश हो चुकी है।
- दिल्ली में रविवार तक मानसून ट्रफ के प्रभाव से गरज-चमक के साथ बारिस संभव है।
- 23 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है।
- पूर्वानुमान वैधता: 20 अगस्त से अगले सप्ताह तक यह मौसम पूर्वानुमान मान्य है। रविवार के बाद दिल्ली-एनसीआर में बारिश घटने और मौसम के शुष्क होने की संभावना है।
Advertisement
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई। 15 अगस्त के बाद यह पहली बार था जब दिल्ली क्षेत्र में बारिश हुई। सुबह 8:30 बजे तक पालम में 28.4 मिमी और सफदरजंग में 8.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में 1 से 20 अगस्त 2026 के बीच कुल 272.6 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। इसके साथ ही अगस्त की सामान्य मासिक बारिश 226.8 मिमी का आंकड़ा पार हो गया है। खास बात यह है कि सफदरजंग में लगातार तीसरे अगस्त में पूरे महीने की सामान्य बारिश का आंकड़ा पार हुआ है। पिछले साल यानी अगस्त 2025 में सफदरजंग में कुल 400.1 मिमी बारिश हुई थी, जो पिछले 15 वर्षों में अगस्त महीने की सबसे अधिक बारिश थी। इस सप्ताह के बाकी दिनों में दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा।
Advertisement
कमजोर हुआ डिप्रेशन, अब निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में मौजूद
जिस डिप्रेशन की वजह से मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश हुई थी, वह अब कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है। फिलहाल यह सिस्टम उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ट्राई-जंक्शन यानी तीन राज्यों के मिलन वाले क्षेत्र के आसपास मौजूद है। इस निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 20,000 फीट की ऊंचाई तक फैला हुआ है। ऊंचाई बढ़ने के साथ यह परिसंचरण दक्षिण की ओर झुका हुआ है। यह निम्न दबाव क्षेत्र भी कल तक और कमजोर हो जाएगा। इसके बाद इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण धीरे-धीरे खत्म होकर मौसमी मानसून ट्रफ में मिल जाएगा।
दिल्ली के पास रहेगी मानसून ट्रफ, रविवार तक बारिश के आसार
इस समय दिल्ली में बारिश कराने वाली सबसे प्रमुख मौसम प्रणाली मानसून ट्रफ है। मानसून ट्रफ दिल्ली के उत्तर से गुजर रही है, लेकिन राजधानी के काफी करीब बनी हुई है। पहाड़ों के ऊपर मौजूद पश्चिमी विक्षोभ के ऊपरी हवा वाले ट्रफ के कारण मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसकी हुई है।
जमीन के पास मानसून ट्रफ इस समय फिरोजपुर, करनाल, फतेहगढ़, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र और दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। यह पूर्व-पश्चिम दिशा में बनी ट्रफ दिल्ली के आसपास ही रहेगी और इसकी स्थिति हिमालय की तलहटी तथा दिल्ली के बीच आगे-पीछे होती रहेगी।
इसी वजह से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रविवार तक कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक वाली बौछारें देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, बारिश लगातार या बहुत तेज नहीं होगी। मौसम में बदलाव मुख्य रूप से मानसून ट्रफ की स्थिति पर निर्भर करेगा।
23 अगस्त के आसपास नया सिस्टम, लेकिन दिल्ली में अगले सप्ताह बढ़ेगी गर्मी
Advertisement
23 अगस्त 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और इससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश क्षेत्र में एक नया चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। लेकिन यह नया सिस्टम मौजूदा निम्न दबाव क्षेत्र से अलग तरीके से व्यवहार करेगा। इसके गहरे आंतरिक हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना कम है और यह आसपास के क्षेत्र में ही धीरे-धीरे घूमता रह सकता है। नए सिस्टम के बनने के दौरान मानसून ट्रफ दिल्ली के उत्तर में खिसक जाएगी और दिल्ली को इस नए मौसम सिस्टम से पर्याप्त दूरी पर रखेगी।
इसलिए अगले सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में बारिश की गतिविधियां काफी कम होने की संभावना है। इसके साथ ही सतह और निचले स्तर की हवाएं तेज होने लगेंगी। दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी और अगले सप्ताह अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश कम होने और तापमान बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर का मौसम फिर से गर्म और उमस भरा हो जाएगा।
यह भी पढ़ें: मानसून 2026 का पूर्वानुमान रिवाइज्ड: सामान्य से 15% कम बारिश के आसार, सूखे की आशंका बढ़ी
यह भी पढ़ें: झारखंड-बिहार के ऊपर डिप्रेशन, यूपी सहित पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट, जानें अपने राज्य का हाल
















