झारखंड-बिहार के ऊपर डिप्रेशन, यूपी सहित पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट, जानें अपने राज्य का हाल
मुख्य मौसम बिंदु
- भारी बारिश का फोकस: यूपी-एमपी-छत्तीसगढ़ के ट्राई-जंक्शन पर आज-कल भारी बारिश।
- अगले 4-5 दिन यूपी, बिहार, झारखंड, एमपी और ओडिशा में बारिश।
- 26 अगस्त के बाद यूपी, एमपी और छत्तीसगढ़ में बारिश घटेगी।
- दक्षिण भारत में कमजोर मानसून केरल और तटीय कर्नाटक को छोड़कर बारिश कम।ॉ
- Forecast Validity: यह मौसम पूर्वानुमान 30 अगस्त तक मान्य है।
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झारखंड और छत्तीसगढ़ के ऊपर बना मानसून डिप्रेशन अब उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों पर पहुंच गया है। इस समय इसका केंद्र बिहार के गया और झारखंड के डाल्टनगंज के बीच स्थित है। यह सिस्टम आगे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार की ओर जाएगा और जल्द ही कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। इसके बाद कमजोर सिस्टम और इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी इलाके में धीरे-धीरे घूमता रह सकता है और इसमें पूर्व-पश्चिम दिशा में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके प्रभाव से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा।
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यूपी, एमपी और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश पर फोकस
आज और कल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से जुड़े इलाकों में भारी बारिश का फोकस रहेगा। इसके बाद बारिश का दायरा बढ़कर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों तक पहुंच सकता है। इन क्षेत्रों में अगले 4-5 दिनों तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि, 26 अगस्त के बाद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां कम होने लगेंगी। इसके बाद बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश जारी रहने की संभावना है।
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश
मानसून से जुड़ी मौसम प्रणालियां गंगा के मैदानी इलाकों के पूर्वी हिस्से से होकर आगे बढ़ती रहेंगी। इनमें पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार प्रमुख क्षेत्र होंगे। मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा सामान्य स्थिति से उत्तर में रहेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की तलहटी के करीब बना रहेगा। इसके कारण इन क्षेत्रों में इस सप्ताह भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, इसके बाद उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम होने लगेंगी।
राजस्थान, गुजरात और दक्षिण भारत में कमजोर रहेगा मानसून
अगस्त के बाकी दिनों में राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधि कमजोर रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में भी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में बहुत कम बारिश होगी। हालांकि, उत्तर तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में छिटपुट बारिश और गरज के साथ बौछारें हो सकती हैं। केरल और तटीय कर्नाटक में भी बारिश और गरज के साथ बौछारों का अच्छा फैलाव रहने की उम्मीद है। इन दो क्षेत्रों को छोड़कर दक्षिणी प्रायद्वीप में मानसून गतिविधि कमजोर और सीमित रहेगी।
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