झारखंड के ऊपर बना डिप्रेशन, बिहार-झारखंड-उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- झारखंड और आसपास के बिहार में मौजूद डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा।
- 3 दिन ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश।
- 21 से 23 अगस्त के बीच यूपी-एमपी और उत्तराखंड की तलहटी में भारी बारिश।
- बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तलहटी वाले इलाकों में स्थानीय बाढ़ का खतरा है।
- Forecast Validity: मुख्य बारिश गतिविधि का पूर्वानुमान 21–23 अगस्त 2026 के लिए है; पूर्वी राज्यों में मौसम गतिविधि अगले सप्ताह भी जारी रहने की संभावना है।
Advertisement
पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन अब उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए झारखंड और इससे सटे बिहार के हिस्सों पर पहुंच गया है। इसका केंद्र रांची-जमशेदपुर क्षेत्र के उत्तर-पूर्व में बना हुआ है। अगले कुछ समय में यह सिस्टम और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। जैसे-जैसे यह पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ इलाकों के करीब पहुंचेगा, इसकी ताकत कम होगी और यह कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) में बदल सकता है। इसके बाद यह सिस्टम इसी क्षेत्र के आसपास धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। इस बार सिस्टम का रास्ता पिछले मानसूनी सिस्टमों से अलग रहेगा। यह झारखंड, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा और इसके मध्य तथा पश्चिमी भारत के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने की संभावना कम है।
Advertisement

बारिश की कमी वाले इलाकों को मिलेगी राहत, बाढ़ का भी खतरा
इस समय बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश मानसून की बारिश के मामले में कमी वाले क्षेत्र हैं। मैदानी इलाकों में बिहार में मानसून की शुरुआत से ही सबसे ज्यादा बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि, हाल की बारिश के कारण बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन दोनों क्षेत्रों में अब भी लगातार बारिश की कमी बनी हुई है। मौजूदा मौसम प्रणाली से इन इलाकों में बारिश बढ़ सकती है और कम से कम बारिश की कमी को और बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की तलहटी वाले क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि बढ़ने से इस सप्ताह कुछ स्थानों पर स्थानीय बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।
23 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश
यह मौसम प्रणाली अगले तीन दिनों तक मजबूत बंद परिसंचरण के रूप में बनी रह सकती है। इसके प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में एक पूर्व-पश्चिम दिशा की ट्रफ के रूप में फैल सकता है। 21 से 23 अगस्त के बीच इस ट्रफ के अंदर छोटे-छोटे परिसंचरण बनने की संभावना है। इस दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की तलहटी में भारी बारिश हो सकती है। जब यह सिस्टम इंडो-गैंगेटिक मैदानों में कमजोर होगा, उसी दौरान उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय हिस्सों के पास एक नया निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो सकता है। इसलिए पूर्वी राज्यों में मौसम की गतिविधियां अगले सप्ताह भी जारी रहने की संभावना है।
यह भी पढ़ें: मानसून 2026 का पूर्वानुमान रिवाइज्ड: सामान्य से 15% कम बारिश के आसार, सूखे की आशंका बढ़ी
यह भी पढ़ें: दिल्ली-एनसीआर में लौटेंगे बारिश के दिन, अगले 4 दिन तापमान में गिरावट के आसार, जानें पूरा मौसम पूर्वानुमान
यह भी पढ़ें: राजस्थान में अब कमजोर होगा मानसून, अगले दो हफ्ते ज्यादातर इलाकों में सूखा मौसम




