राजस्थान में अब कमजोर होगा मानसून, अगले दो हफ्ते ज्यादातर इलाकों में सूखा मौसम
मुख्य मौसम बिंदु
- जुलाई और अगस्त की शुरुआत में राजस्थान में अच्छी बारिश हुई, जिससे मिट्टी में नमी और जलस्तर में सुधार हुआ।
- अगस्त के बाकी दिनों में राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बारिश कम रहने और मौसम सूखा रहने की संभावना है।
- 16 अगस्त तक पश्चिमी राजस्थान में 12% और पूर्वी राजस्थान में 15% बारिश की कमी है, हालांकि दोनों अभी सामान्य स्थिति में हैं।
- बारिश कम होने और धूप बढ़ने से राजस्थान में तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
- पूर्वानुमान वैधता: अगले करीब दो सप्ताह राजस्थान में किसी बड़े मौसम सिस्टम के बनने की संभावना कम है।
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राजस्थान में 2026 का मानसून अब तक अच्छा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कई मौसमी सिस्टम मध्य भारत से होते हुए राजस्थान तक पहुंचे, जिससे खासकर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। जुलाई और अगस्त के पहले पखवाड़े में बार-बार बारिश के दौर आए। इससे मिट्टी में नमी बढ़ी और पानी की उपलब्धता में भी सुधार हुआ। कई जलाशयों में अच्छी मात्रा में पानी पहुंचा है। हालांकि, अब राजस्थान के मौसम का पैटर्न बदलता नजर आ रहा है। राज्य में बारिश की गतिविधियां काफी कम होने की संभावना है और अगस्त के बाकी दिनों में राजस्थान के ज्यादातर हिस्से शुष्क यानी सूखे रह सकते हैं।
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अगले दो हफ्तों में बड़े मौसम सिस्टम की उम्मीद कम
इस समय उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम आगे बढ़कर उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की तरफ जाने की संभावना है। ये सिस्टम राजस्थान तक पहुंचने से पहले ही कमजोर पड़ सकते हैं। वहीं, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण भी धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अगले करीब दो सप्ताह तक राजस्थान को प्रभावित करने वाला कोई बड़ा मौसम सिस्टम बनने की संभावना कम है।
ऐसे में राजस्थान के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन ज्यादातर इलाकों में मौसम सूखा रहने की संभावना है। इसका मतलब यह नहीं है कि राजस्थान में पूरी तरह बारिश बंद हो जाएगी। कुछ स्थानीय क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक या अच्छी बारिश वाला कोई बड़ा दौर फिलहाल नजर नहीं आ रहा है।
बारिश की कमी बढ़ सकती है, किसानों पर क्या होगा असर?
16 अगस्त तक के बारिश के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से 12% कम और पूर्वी राजस्थान में 15% कम बारिश हुई है। हालांकि, फिलहाल दोनों क्षेत्र सामान्य बारिश की श्रेणी में हैं। लेकिन अगर सूखा दौर लगातार जारी रहता है, तो बारिश की कुल कमी धीरे-धीरे बढ़ सकती है और राजस्थान सामान्य श्रेणी से निकलकर कम बारिश वाली यानी deficient category में पहुंच सकता है।
किसानों के लिए फिलहाल तुरंत चिंता की कोई बड़ी वजह नहीं है, क्योंकि जुलाई और अगस्त की शुरुआत में राज्य में पर्याप्त उपयोगी बारिश हो चुकी है। इससे मिट्टी में नमी और जल उपलब्धता को फायदा मिला है। हालांकि, अगर लंबे समय तक बारिश नहीं होती है तो खासकर बारिश पर निर्भर खेती वाले क्षेत्रों में मिट्टी की नमी धीरे-धीरे कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में फसलों की जरूरत के अनुसार सिंचाई की आवश्यकता पड़ सकती है।
बारिश के दिनों में कमी और धूप बढ़ने के साथ राजस्थान में तापमान भी धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर, राजस्थान अब मानसून के एक अपेक्षाकृत शुष्क दौर की ओर बढ़ रहा है। अगस्त के अंत में बारिश फिर बढ़ेगी या नहीं, यह काफी हद तक बंगाल की खाड़ी में बनने वाले अगले बड़े मौसम सिस्टम पर निर्भर करेगा।
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