मुंबई में अभी नहीं थमेगी बारिश, दो दिन झमकर बरसेंगे बादल, वीकेंड पर मिल सकती है राहत

By: skymet team | Edited By: skymet team
Jun 18, 2025, 7:30 PM
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मुंबई में मानसून की बारिश, फोटो: Mid-Day

पिछले 24 घंटों में मुंबई में मानसून की बारिश की तीव्रता थोड़ी कम हो गई है। इससे पहले 15 और 16 जून को शहर में भारी बारिश हुई थी। 1 जून से 18 जून के बीच सांताक्रूज़ वेधशाला में कुल 316.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो कि जून माह के औसतन 493.1 मिमी के आंकड़े से काफी कम है। आज और कल मुंबई में मध्यम बारिश के साथ कुछ देर की तेज़ बारिश की संभावना है, जबकि वीकेंड तक बारिश की तीव्रता और भी कम हो सकती है।

दो प्रमुख सिस्टम कर रहे हैं बारिश को नियंत्रित

इस समय दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जो मौसमी वर्षा को दिशा दे रहे हैं। इनमें एक निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व राजस्थान के हिस्सों पर है और दूसरा गंगीय पश्चिम बंगाल में स्थित है। इन दोनों सिस्टम्स के चलते हवाओं का टकराव हो रहा है, जिससे संबंधित क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। यही सिस्टम मुंबई और कोंकण तट पर भी प्रभाव डाल रहे हैं।

बंगाल की खाड़ी से आने वाले सिस्टम का मुंबई पर असर

मुंबई का मौसम सामान्यतः बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न होने वाले सिस्टम्स पर निर्भर करता है, जो ओडिशा, छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत में प्रवेश करते हैं। इसके साथ ही यदि कोई सिस्टम दक्षिण राजस्थान या पश्चिम मध्य प्रदेश में बनता है, तो उसका भी मुंबई पर असर पड़ता है। ऐसे ही मौजूदा परिस्थितियों में अगले दो दिनों तक मुंबई में मध्यम बारिश की संभावना है। यह बारिश ऐसी नहीं होगी जो सामान्य जनजीवन को प्रभावित करे, लेकिन एक-दो बार तेज बारिश की बौछारें हो सकती हैं।

मानसूनी सिस्टम दिल्ली की ओर, मुंबई से प्रभाव कम होगा

पश्चिम बंगाल वाला सिस्टम अब इंडो-गंगीय मैदानों की ओर बढ़ रहा है और राजस्थान में बना सिस्टम दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तराई की ओर सरक रहा है। इन दोनों सिस्टम्स के 22 जून के आसपास एक होने की संभावना है। इनका मुंबई से दूर हो जाना, अगले 48 घंटों में मुंबई के मौसम पर असर को थोड़ा कम कर सकता है।

24 जून को नया सिस्टम फिर बढ़ाएगा बारिश

इस बीच, 24 जून 2025 को उत्तर बंगाल की खाड़ी और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर एक नया मौसम तंत्र बनने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम देश के मध्य भागों में आगे बढ़ेगा, जिससे कोंकण क्षेत्र और मुंबई में एक बार फिर मानसून की सक्रियता तेज हो सकती है।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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