केरल और तटीय कर्नाटक में बारिश का कहर, अगले दो दिन रहेंगे भीगे-भीगे

By: Skymet team | Edited By:
Jul 17, 2025, 7:15 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

केरल और तटीय कर्नाटक में अलर्ट, फोटो: The Hindu

दक्षिण प्रायद्वीप में जुलाई महीने में अब तक मानसून की बारिश सामान्य से कमजोर बनी हुई है। महीने की शुरुआत में जहां वर्षा की कमी 3% थी, वहीं अब महीने के मध्य तक यह बढ़कर 11% हो गई है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में वर्षा की कमी और ज्यादा हो गई है। तमिलनाडु में शुरुआत के दिनों में बारिश की अधिकता थी, अब यहां भी मौसम की स्थिति खराब हो रही है। जल्द ही यहां भी वर्षा में दो अंकों की कमी दर्ज की जा सकती है। केरल में भी हालात बिगड़े हुए हैं, यहां बारिश की कमी -7% से बढ़कर -15% तक पहुंच गई है। केवल तटीय कर्नाटक में स्थिति बेहतर है, जहां अब तक सीजनल वर्षा सामान्य से 13% अधिक दर्ज की गई है।

तटीय कर्नाटक और उत्तरी केरल में भारी बारिश के हालात

तटीय कर्नाटक और उत्तर केरल में अगले 3 से 4 दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना बन रही है। पश्चिमी घाट के दक्षिणी हिस्से के साथ-साथ बहने वाली पश्चिमी हवाओं ने रफ्तार पकड़ ली है और समुद्र तट से टकरा रही हैं। इसके कारण दक्षिण तटीय कर्नाटक और उत्तरी केरल में अगले 48 घंटों के भीतर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

Advertisement

Advertisement

हाल के दिनों में बारिश की स्थिति

पिछले तीन दिनों से तटीय कर्नाटक में मूसलाधार बारिश हो रही है और अब केरल भी इस बारिश में शामिल हो गया है। बीते 24 घंटों में मंगलुरु और कारवार में क्रमशः 213 मिमी और 124 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं, होनावर, कोझिकोड और करिपुर में इसी अवधि के दौरान क्रमशः 68 मिमी, 76 मिमी और 64 मिमी वर्षा हुई है।

अगले दो दिनों में भारी बारिश की संभावना

आने वाले दो दिनों में कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, कुडुलु और थालसेरी में बहुत भारी बारिश की संभावना है। केरल के दक्षिणी हिस्सों जैसे त्रिशूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और कोवलम में भी मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं मंगलुरु, कारवार, होनावर और तटीय कर्नाटक के आस-पास के इलाकों में भी भारी वर्षा होने की संभावना है।

इसके बाद 19 जुलाई से 21 जुलाई के बीच मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है। लेकिन 22 और 23 जुलाई को बारिश की तीव्रता और प्रसार में कुछ कमी आने की संभावना है।

Advertisement
author image
Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है