दक्षिण भारत में थमी बारिश की रफ्तार, उत्तर-पूर्व मानसून हुआ सुस्त, इस दिन से फिर से बढ़ेगी बारिश
उत्तर-पूर्व मानसून तमिलनाडु के लिए सबसे अहम बारिश का सीजन होता है। इसी दौरान केरल और कर्नाटक पड़ोसी राज्यों में भी सर्दियों की अच्छी बारिश होती है। लेकिन इस मौसम में बारिश की मात्रा काफी बदलती रहती है, क्योंकि अक्टूबर–नवंबर 2025 में बारिश में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वहीं, अगले कुछ दिनों तक मानसून गतिविधि कमजोर रह सकती है, हालांकि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के आधार पर अगले हफ्ते बारिश दोबारा बढ़ सकती है।
अक्टूबर में बारिश अधिशेष, लेकिन नवंबर में कमी
उत्तर-पूर्व मानसून मुख्य रूप से दक्षिण प्रायद्वीप के मौसम उप-विभागों तक सीमित रहता है। अक्टूबर 2025 में बारिश 43% अधिशेष रही, लेकिन नवंबर में कई व्यवधानों की वजह से यह अतिरिक्त बारिश लगातार कम हो गई। तमिलनाडु में अक्टूबर तक 41% अधिशेष बारिश थी, जो अब घटकर कुल 10% कमी में बदल गई है। वहीं, केरल ने 1 अक्टूबर से 18 नवंबर 2025 के बीच 27% कमी दर्ज की है।
लो-प्रेशर सिस्टम से बीते 48 घंटों में बारिश
एक निम्न दबाव क्षेत्र और उसके चक्रवाती परिसंचरण के कारण पिछले 48 घंटों में दक्षिणी राज्यों विशेषकर तमिलनाडु और केरल में मध्यम बारिश हुई है। श्रीलंका और कोमोरिन क्षेत्र में सक्रिय सिस्टम अब लक्षद्वीप और दक्षिण-पूर्व अरब सागर तक पहुंच गया है। यह सिस्टम और पश्चिम की ओर खिसकते हुए कमजोर पड़ेगा। इसी बीच श्रीलंका के पूर्वी तट और विषुवतीय क्षेत्र के पास एक और चक्रवाती परिसंचरण बना है, जो कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के करीब आएगा। इसकी वजह से अगले तीन दिनों में तमिलनाडु के तटों और केरल–तमिलनाडु के भीतरी इलाकों में बारिश बढ़ेगी।
बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर – संभावित तूफान का संकेत
इसी दौरान 21–22 नवंबर को दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। अगले 2–3 दिनों में यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है और तूफान में बदलने की भी आशंका है।
अगर यह सिस्टम तूफान बनता है तो दक्षिण भारत का मौसम इसी पर निर्भर करेगा और बारिश की गतिविधियाँ इसके मूवमेंट के अनुसार बदलेंगी। अभी इसके सटीक रास्ते का अनुमान लगाना जल्दबाज़ी होगा, इसलिए इसकी विकास प्रक्रिया पर करीबी नजर रखनी होगी। बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर बनते ही अगला अपडेट साझा किया जाएगा।
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