बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया निम्न दबाव क्षेत्र, बन सकता है अगला तूफान, दक्षिण में बढ़ेगा खतरा
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, श्रीलंका के पास और कोमोरिन क्षेत्र में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र की ओर जाएगा। खुले समुद्र में पहुँचने के बाद इसके और मजबूत होने की संभावना है।
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एक और निम्न दबाव बनने की उम्मीद
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इस बीच लगभग 21 या 22 नवंबर 2025 के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और मध्य विषुवतीय क्षेत्रों में एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बनने के बाद इसके मजबूत होकर पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बंगाल की खाड़ी के मध्य-दक्षिणी हिस्सों और फिर आगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने की पूरी संभावना है। हालांकि, 4–5 दिन की लंबी अवधि वाले पूर्वानुमान की सटीकता कम हो जाती है, इसलिए इस सिस्टम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बारिश
संभावित मौसम बदलाव को देखते हुए आने वाले हफ्ते की शुरुआत में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में खराब मौसम (Inclement Weather) का खतरा रहेगा। तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति बन सकती है।
जलवायु और मौसम का सीज़न इन सिस्टम्स को बढ़ावा देता है
क्लाइमेटोलॉजी और मौसम की मौजूदा स्थिति दोनों ही, इस समय बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम्स के तेज़ी से मजबूत होने के अनुकूल हैं। इससे पहले इसी साल अक्टूबर के आखिर में बंगाल की खाड़ी में 'मोंथा' नामक गंभीर चक्रवात बन चुका है। नवंबर में बनने वाले चक्रवात आमतौर पर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय हिस्सों को प्रभावित करते हैं। इनमें से ज़्यादातर सिस्टम आंध्र प्रदेश और ओडिशा की ओर बढ़ते हैं। कुछ चक्रवात पूर्वी तट के पास मुड़ते हुए पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की ओर भी चले जाते हैं।
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने के बाद ही इससे जुड़ी भविष्य की गतिविधियों और संभावित असर की पूरी जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल इस सिस्टम पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
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