उष्णकटिबंधीय तूफान सेनयार हुआ कमजोर, खाड़ी द्वीपों से दूर, अंडमान–निकोबार को नहीं होगा कोई खतरा
मुख्य मौसम बिंदु
- चक्रवात ‘सेनयार’ कमजोर होकर गहरे अवसाद में तब्दील
- सिस्टम भारत से दूर, अंडमान-निकोबार पर कोई खतरा नहीं।
- चक्रवात से मलय प्रायद्वीप, थाईलैंड की खाड़ी, वियतनाम और कंबोडिया प्रभावित।
- दक्षिण-पूर्व एशिया में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति अगले 48 घंटे जारी।
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कल आया चक्रवात ‘सेनयार’ कमजोर होकर अब गहरे दबाव (Deep Depression) में तब्दील हो गया है और जल्द ही इसके सामान्य दबाव (Depression) में और अधिक कमजोर होने की उम्मीद है। यह तूफान मलय प्रायद्वीप के करीब, मलक्का जलडमरूमध्य और इंडोनेशिया के उत्तरी हिस्सों से कुछ दूर स्थित था। वर्तमान में यह सिस्टम निकोबार द्वीपसमूह से 800 किमी से भी अधिक दूर मौजूद है। अब यह तूफ़ान उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है और भारतीय सीमा क्षेत्र से लगातार दूर होता जा रहा है। इसलिए, बंगाल की खाड़ी के द्वीपों पर किसी भी प्रकार के खराब मौसम की कोई संभावना नहीं है।
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चक्रवात सेनयार कमजोर होकर गहरे दबाव में बदला
कमजोर होना पहले से तय था, बहुत कम अक्षांश ने तोड़ी ताकत
इस तूफान का कमजोर होना पहले से ही निश्चित (Fait Accompli) माना जा रहा था। यह सिस्टम बहुत कम अक्षांश पर भूमध्यरेखीय क्षेत्र (Equatorial Belt) में बना था। तूफान लगातार अपनी अक्षांशीय ऊँचाई खोता रहा, जिसके कारण यह पर्याप्त कोरिओलिस बल (जो चक्रवात को घुमाव देता है) हासिल नहीं कर सका। वर्तमान में यह मौसम प्रणाली 3.7°N और 99.2°E के आसपास स्थित है और उत्तर-पूर्व की ओर आगे बढ़ रही है।
तूफन को शुरुआत से ही अनुकूल परिस्थितियाँ नहीं मिलीं, जैसे हाई विंड शीयर और भूमि के बहुत निकटता के कारण अधिक घर्षण नहीं बना। इन दोनों ने इसकी गति और ताकत को काफी हद तक कम कर दिया। आसान शब्दो मे कहें तो, तूफ़ान को शुरू से ही मौसम का साथ नहीं मिला। ऊपर की तेज़ हवाएँ और ज़मीन के बहुत पास होने की वजह से उसकी ताकत कम होती गई। इन दोनों कारणों से तूफ़ान कमजोर पड़ गया और तेज़ी नहीं पकड़ सका।
वर्तमान में यह सिस्टम निकोबार द्वीपसमूह से 800 किमी से भी अधिक दूर मौजूद है।
बंगाल की खाड़ी के द्वीपों पर कोई खतरा नहीं
भारतीय बे आइलैंड्स (अंडमान–निकोबार) पर इस सिस्टम से किसी भी खराब मौसम का कोई खतरा नहीं है। हालाँकि, मलय प्रायद्वीप, थाईलैंड की खाड़ी (Gulf of Thailand) और वियतनाम तथा कंबोडिया के दक्षिणी हिस्सों में खराब मौसम जारी रहेगा। दक्षिण-पूर्व एशिया के ये क्षेत्र पहले ही भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे हैं, जिसने हजारों लोगों को विस्थापित कर दिया है। आने वाले 48 घंटों तक इन क्षेत्रों में मौसम की खराबी बनी रहने की संभावना है।
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