पहाड़ों में बढ़ी ठिठुरन, श्रीनगर-पहलगाम और गुलमर्ग में बर्फबारी, मनाली-शिमला की बारी जल्द
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में पिछले एक सप्ताह से मौसम शुष्क और ठंडा बना हुआ है। इससे पहले, 4 नवंबर को एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) ने ऊँचे पहाड़ों को मोटी बर्फ की परत से ढक दिया था। उस दौरान निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी व्यापक बारिश हुई थी। यह छोटा लेकिन प्रभावशाली दौर सामान्य तारीखों से पहले ही पहाड़ों में कड़ाके की ठंड लेकर आया। नतीजतन, मैदानी इलाकों में भी सर्दी की दस्तक सामान्य समय से पहले महसूस की गई।
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नई बर्फबारी के आसार नहीं, लेकिन कश्मीर में जमी बर्फ
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फिलहाल किसी नए मौसम तंत्र के बनने के संकेत नहीं हैं जो दोबारा पहाड़ों पर बर्फबारी कर सके या ठंड को और बढ़ा सके। फिर भी, पिछली बर्फबारी के असर से कश्मीर घाटी में सामान्य से पहले ही जमाव की स्थिति (freeze conditions) बन गई है। गुलमर्ग और पहलगाम जैसे ऊँचे स्थानों पर नवंबर के पहले सप्ताह में ही पारा शून्य से नीचे चला गया। 5 नवंबर 2025 को पहली बार इस सीजन में सब-ज़ीरो तापमान दर्ज किया गया। इसके बाद 10 नवंबर को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -0.1°C दर्ज हुआ, जो इस सीजन का पहला शून्य से नीचे तापमान था। आज सुबह श्रीनगर में -2.3°C और पहलगाम में -3.8°C तापमान दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे कम है।
हिमाचल के लोकप्रिय हिल स्टेशन अभी भी इंतज़ार में
आम तौर पर पहाड़ों में जमी ठंड करीब दो हफ्ते की देरी से हिमाचल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक पहुँचती है। पिछले चार वर्षों में मनाली में नवंबर के महीने में कभी भी तापमान शून्य या उससे नीचे नहीं गया। शिमला में भी आमतौर पर दिसंबर तक सब-ज़ीरो तापमान दर्ज नहीं होता। पिछले 15 वर्षों में नवंबर में शिमला का सबसे कम तापमान 2.7°C (30 नवंबर 2007) रहा है। इस बार भी मनाली और शिमला को शून्य से नीचे तापमान देखने के लिए इंतजार करना पड़ेगा, जब तक कोई सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस फिर से पहाड़ों को ताज़ी बर्फ से नहीं ढक देता।
दो हफ्ते तक नहीं बदलेगा मौसम, ठंड जारी रहेगी
अगले दो सप्ताह तक कोई नया सिस्टम बनने की संभावना नहीं है, जिससे बर्फबारी या तापमान में अचानक गिरावट आए। हालांकि, पहाड़ी राज्यों में सूखा और ठंडा मौसम बना रहेगा। कुछ मौकों पर ठंडी हवाएं चलने से तीखी ठंड का अनुभव भी हो सकता है। यानी फिलहाल पहाड़ों पर बर्फबारी तो नहीं होगी, लेकिन सर्दी का असर लगातार बढ़ता रहेगा।
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