Delhi Weather: दिल्ली में शीत लहर की संभावना नहीं, शुष्क मौसम जारी रहेगा
दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान अब लगातार दो अंकों में बना हुआ है। बेस स्टेशन सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 10.6°C दर्ज किया गया, जो बीते दिन के 10.4°C से थोड़ा ज्यादा है। पिछले चार दिनों से सुबह का तापमान 10.2°C से 10.6°C के बीच बना हुआ है। यह सामान्य से करीब 2.5° से 3°C कम है, लेकिन अभी इसे कोल्ड वेव (cold wave) की स्थिति नहीं माना जा सकता है।
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नवंबर में सामान्य तापमान का औसत
दिल्ली में नवंबर महीने की शुरुआत में औसतन न्यूनतम तापमान करीब 15°C रहता है, जो महीने के अंत तक गिरकर 10°C के आसपास पहुंचता है। मैदानी इलाकों में तब शीतलहर(ठंड की लहर) घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान 10°C या उससे कम हो जाए और यह सामान्य से 4.5° से 6.4°C तक नीचे चला जाए। अगर तापमान सामान्य से 6.5°C या उससे ज्यादा गिर जाए, तो इसे भीषण शीतलहर (Severe Cold Wave) कहा जाता है। इसके अलावा, जब तापमान 4°C या उससे कम पहुंच जाए, तब भी इसे ठंड की लहर माना जाता है।
अगले 10 दिनों तक मौसम रहेगा स्थिर
फिलहाल, पहाड़ों पर कोई सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) नहीं है। यही सिस्टम तापमान में बड़े बदलाव का मुख्य कारण होता है। इसकी अनुपस्थिति में अगले 10 दिनों तक तापमान में कोई तेज गिरावट नहीं देखी जाएगी। ठंड की लहर बनने के लिए तापमान को 8°C से नीचे जाना होगा, जो फिलहाल संभव नहीं दिखता। अगले एक हफ्ते तक तापमान में केवल ±1°C का मामूली उतार-चढ़ाव रहेगा। इसके बाद, मौसम के सामान्य परिवर्तन के चलते तापमान धीरे-धीरे नीचे जा सकता है। नवंबर के आखिरी सप्ताह में न्यूनतम तापमान 7°C से नीचे जाने पर ही ठंड की लहर की स्थिति बन सकती है।
नवंबर में आमतौर पर नहीं आती ठंड की लहर
आम तौर पर दिल्ली में नवंबर महीने में ठंड की लहर नहीं आती। साल 2021 से 2024 के बीच नवंबर में एक भी बार कोल्ड वेव की स्थिति नहीं बनी। आखिरी बार नवंबर 2020 में ठंड की लहर दर्ज की गई थी। उस साल नवंबर का दूसरा हिस्सा काफी ठंडा रहा था, जब आठ दिनों तक तापमान 10°C से नीचे चला गया था और पांच दिनों में यह 7°C या उससे भी कम पहुंच गया था। 23 नवंबर 2020 को तापमान 6.3°C तक गिर गया था, जो बीते करीब 20 वर्षों में सबसे कम रहा। उस महीने चार दिनों तक ठंड की लहर चली थी।
इस बार सूखी और ठंडी हवाएं, लेकिन ठंड की लहर नहीं
इस बार भी पहाड़ों से आने वाली सूखी और ठंडी हवाएं दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बहेंगी। हालांकि इससे मौसम ठंडा जरूर रहेगा, लेकिन ठंड की लहर जैसी स्थिति इस महीने बनने की संभावना नहीं है।
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