पश्चिमी विक्षोभ का असर, दिल्ली-एनसीआर में 6 जून तक आँधी और बारिश के आसार, लू का खतरा टला
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 5 °C कम ।
- 4 से 6 जून के बीच बारिश, गरज-चमक, धूल भरी आँधी।
- पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ रेखा के संयुक्त प्रभाव से मौसम सक्रिय रहेगा।
- जून के पहले दस दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में लू की संभावना नहीं।
पिछले सप्ताह दिल्ली और आसपास के इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी अब लगभग खत्म हो गई है। बारिश, गरज-चमक और धूल भरी आँधी की गतिविधियों ने तापमान को काफी हद तक नियंत्रित कर दिया है। बीते तीन दिनों से दिल्ली का अधिकतम तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से लगभग 4 से 5 डिग्री कम है। राजधानी के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 7 मई 2026 के बाद सबसे कम दिन का तापमान है। केवल दिन ही नहीं, बल्कि रात का तापमान भी सामान्य से 3 से 4 डिग्री नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को गर्म रातों से भी राहत मिली है। आने वाले दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके सामान्य स्तर से नीचे रहने की संभावना है।
सक्रिय मौसम प्रणालियां बढ़ाएंगी बारिश और आँधी की गतिविधियाँ
मौसम में इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। वर्तमान में मध्य पाकिस्तान तथा दक्षिण पंजाब और उत्तर राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस प्रणाली से पूर्व दिशा की ओर एक ट्रफ रेखा निकल रही है, जो दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उससे सटे मध्य प्रदेश पर बने दूसरे चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ रही है। यह ट्रफ भले ही बहुत मजबूत नहीं है, लेकिन इसका प्रभाव दिल्ली-एनसीआर के काफी करीब बना रहेगा।
इसके अलावा एक नया पश्चिमी विक्षोभ 3 जून की देर रात तक हिमालयी क्षेत्रों में पहुंच जाएगा। इसके प्रभाव से 3 जून से 6 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम गतिविधियाँ बढ़ेंगी। पश्चिमी विक्षोभ और पूर्व-पश्चिम दिशा में बनी ट्रफ रेखा के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, खासकर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश और आँधी की गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
6 जून तक बने रहेंगे बारिश और आँधी के आसार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 2 और 3 जून को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की और बिखरी हुई बारिश या गरज-चमक की गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं। हालांकि इन दिनों बारिश का दायरा सीमित रहेगा और गतिविधियाँ कम समय के लिए होंगी।
4 जून से 6 जून के बीच मौसम गतिविधियों में स्पष्ट बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक, धूल भरी आँधी और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इन गतिविधियों का असर 7 जून तक भी बना रह सकता है। इसके बाद 8 जून से मौसम में व्यापक सुधार होने की उम्मीद है और आसमान अपेक्षाकृत साफ रहने लगेगा।
8 जून के बाद तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी और हवाओं की गति भी बढ़ सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि जून महीने के पहले दस दिनों तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में लू चलने या हीटवेव जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है। इसलिए आने वाले सप्ताह में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।






