उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश की संभावना, ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 22, 2026, 7:30 PM
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पहाड़ों से मैदानों तक बिगड़ेगा मौसम, AI-Skymet

मुख्य मौसम बिंदु

  • सर्दियों में अब तक बारिश और बर्फबारी की भारी कमी
  • सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में बदलाव
  • पहाड़ों में भारी बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश
  • ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका

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उत्तर भारत इस सर्दी में अब तक सामान्य रूप से होने वाले तीव्र शीतकालीन मौसम के प्रकोप से काफी हद तक बचा रहा है। मौसम के लगभग अंतिम चरण तक पहुंचने के बावजूद, क्षेत्र में न तो पर्याप्त बारिश हुई और न ही पहाड़ों में सामान्य बर्फबारी देखने को मिली। पहाड़ी इलाकों में बर्फ की कमी है और मैदानी क्षेत्रों में बारिश न होने से सूखापन बना हुआ है। मौसमी वर्षा की कमी इतनी अधिक हो चुकी है कि उसकी पूरी भरपाई अब संभव नहीं दिखती। हालांकि, देर से ही सही, आंशिक राहत मिलने की उम्मीद जरूर बनी हुई है।

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पश्चिमी विक्षोभ की कमी से बढ़ी चिंता

सर्दियों के मौसम की रीढ़ माने जाने वाले पश्चिमी विक्षोभ इस बार अब तक बहुत कम और अनियमित रहे हैं। इसके कारण जल स्रोतों पर दबाव बढ़ गया है और कई जलाशय लगभग सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थिति गंभीर और चिंताजनक बनी हुई है और तत्काल राहत की जरूरत है। अब उम्मीदें एक बार फिर बंध रही हैं कि मौसम का यह बदलाव कुछ हद तक राहत लेकर आ सकता है।

सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम

एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कश्मीर और लद्दाख के ऊपर पहुंच चुका है। इसके पीछे ऊपरी वायुमंडल में एक गहरा ट्रफ अनुकूल स्थिति में मौजूद है, जो इस सिस्टम को मजबूती प्रदान करेगा। इसके अलावा, मध्य पाकिस्तान और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। ये तीनों मौसम प्रणालियां मिलकर उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में एक साथ सर्दियों की पहली प्रभावी बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू करेंगी। यह दौर बहुत लंबा नहीं होगा, खासकर मैदानी इलाकों के लिए, लेकिन जिनके लिए यह जरूरी है, उनके लिए यह राहत भरा साबित होगा।

पहाड़ों में भारी बर्फबारी और खतरे की आशंका

पहाड़ी इलाकों में किसी भी समय भारी बर्फबारी शुरू हो सकती है, जो अगले 36 घंटों तक जारी रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मौसम बेहद खराब रहने का खतरा है, जबकि उत्तराखंड में हालात कुछ बेहतर रह सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अक्सर अचानक और असामान्य रूप से बदलता है। इस दौरान बादल फटने, भूस्खलन, चट्टानों के खिसकने, बर्फीले तूफान, तेज गरज-चमक और आकाशीय बिजली जैसी घटनाओं का जोखिम बना रहेगा।

मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि और तेज तूफान की चेतावनी

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और खासतौर पर पहाड़ी तराई क्षेत्रों में भी खराब मौसम के असर को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। यहां गरज के साथ तेज बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं सबसे अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं। तेज हवाओं और ओलों के साथ होने वाली भारी बारिश खेतों में खड़ी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है। पकने की अवस्था में पहुंच चुकी नकदी फसलें गिर सकती हैं, जिससे पैदावार की गुणवत्ता और मात्रा दोनों प्रभावित होंगी। हालांकि राहत की बात यह है कि यह तीव्र मौसम गतिविधि सीमित क्षेत्रों तक ही रहेगी और इसकी अवधि भी कम होगी, जिससे किसानों को जल्दी संभलने में मदद मिलेगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े अन्य मौसम तंत्र क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी का खतरा है।

कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है, लेकिन अवधि कम होने से संभलने का मौका मिलेगा।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है