गुजरात बना देश का सबसे गर्म राज्य, कई शहरों में तापमान 40°C के पार
मुख्य मौसम बिंदु
- गुजरात और महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान 40°C के पार पहुंच गया।
- राजकोट और सुरेंद्रनगर में 41.6°C दर्ज हुआ, जो देश में सबसे अधिक रहा।
- हवाओं के पैटर्न में बदलाव और शुष्क गर्म हवाओं से तापमान तेजी से बढ़ा।
- सप्ताहांत तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गर्मी तेजी से बढ़ रही है। पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। महाराष्ट्र के अकोला, जलगांव और सोलापुर जैसे शहरों में मौसम की शुरुआत में ही तापमान 40°C के पार चला गया है। वहीं गुजरात में तो लगभग पूरे राज्य में भीषण गर्मी देखने को मिल रही है। सौराष्ट्र, उत्तर और मध्य गुजरात के साथ-साथ दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में भी मार्च की शुरुआत में ही पारा 40°C से ऊपर दर्ज किया गया है।
गुजरात के कई शहरों में 40°C से ज्यादा तापमान
गुजरात की राजधानी गाँधीनगर और अहमदाबाद दोनों में तापमान 40°C से ऊपर पहुंच चुका है। देश में सबसे अधिक तापमान कल 9 मार्च को राजकोट और सुरेंद्रनगर में 41.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 8°C ज्यादा है। इसके अलावा अहमदाबाद, गाँधीनगर, दीसा, अमरेली, वडोदरा और सूरतमें भी तापमान 40°C के पार पहुंच गया। कई जगहों पर तापमान सामान्य से 5 से 7°C अधिक है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में गंभीर लू जैसी स्थिति बन गई है। तटीय शहर सूरत में भीषण गर्मी और उमस के साथ तापमान 40.6°C दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 6.1°C ज्यादा है।
हवाओं के पैटर्न में बदलाव से बढ़ी गर्मी
गुजरात में तापमान में अचानक आई इस तेजी की मुख्य वजह हवाओं के पैटर्न में बदलाव है। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों से गुजर रहे पश्चिमी विक्षोभों ने मौसमी एंटी-साइक्लोन को अपनी जगह से हटा दिया है। इसके कारण अरब सागर से आने वाली नम हवाएं रुक गई हैं और उनकी जगह दक्षिण राजस्थान तथा पश्चिम मध्य प्रदेश से आने वाली शुष्क और गर्म हवाएं चलने लगी हैं। तटीय इलाकों में समुद्री हवाओं का प्रभाव भी कम हो गया है, जिससे तापमान और तेजी से बढ़ा है। इसी कारण बंदरगाह शहर कांडला में अधिकतम तापमान 41.4°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 9°C ज्यादा है।
फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं, रिकॉर्ड जैसी स्थिति
मौसम के इस पैटर्न के कारण सप्ताहांत तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। सामान्य तौर पर इतनी अधिक गर्मी मार्च के आखिरी सप्ताह में देखने को मिलती है, वह भी राज्य के आंतरिक हिस्सों में। लेकिन इस बार मार्च के पहले दस दिनों में ही तापमान का इतना अधिक होना राज्य के लिए लगभग ऐतिहासिक रिकॉर्ड जैसी स्थिति माना जा रहा है।






