[Hindi] सुपर साइक्लोन अंपन: पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों से टकराने को तैयार, 20 मई को हो सकता है लैंडफॉल

May 20, 2020 12:10 AM |

Updated on May 20 at 09:50 AM सुपर साइक्लोन अंपन: पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों से टकराने को तैयार, 20 मई को हो सकता है लैंडफॉल

सुपर साइक्लोन ‘अंपन’, साल 2020 का पहला चक्रवाती तूफान है। भारत में साइक्लोन सीजन की शुरुआत अप्रैल से होती है। प्रायः मॉनसून के आगमन से पहले बंगाल की खाड़ी में तूफान उठते हैं। पिछले वर्ष यानि 2019 में अप्रैल के आखिर और मई के शुरुआती दिनों में तूफान ‘फ़ानी’ आया था। इस साल भी बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों पर एक मौसमी सिस्टम अप्रैल के आखिर में ही विकसित हुआ था। अनुमान था कि यही सिस्टम मई के शुरुआती समय में तूफान बन जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

फिलहाल कुछ समय के इंतज़ार के बाद जब सिस्टम प्रभावी होने लगा तो अधिक समय नहीं लगा तूफान बनने में। यह सिस्टम 18 मई को सुपर साइक्लोन की क्षमता में आ गया। बंगाल की खाड़ी में उठने वाले चक्रवाती तूफानों में पिछले 20 वर्षों में यह सबसे भीषणतम चक्रवात है। इसके साथ 275 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं। बंगाल की खाड़ी में उठने वाले तूफानों के कारण हवा की इतनी तेज़ गति शायद ही देखने को मिलती हो।

पश्चिम बंगाल और इससे सटे बांग्लादेश पर लैंडफॉल की आशंका

सुपर साइक्लोन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है ओडिशा और तटीय पश्चिम बंगाल के भागों में हवाएँ उग्र होती जा रही हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से लेकर तटीय ओडिशा, तटीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में अब से लेकर तूफान के लैंडफॉल तक हवाओं की रफ्तार बढ़ती ही रहेगी। खासतौर पर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय भागों और पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ स्थानों पर जल्द ही 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवाएँ चलनी शुरू होंगी।

बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्सों में उथल-पुथल मची हुई है और हवाओं की रफ़्तार लगातार बढ़ती जा रही है। अनुमान है कि अब सुपर साइक्लोन उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिशा में बढ़ेगा। तूफान अंपन के पश्चिम बंगाल और इससे सटे बांग्लादेश के तटों से 20 मई की दोपहर या शाम तक टकराने की आशंका है।

Updated on May 18 at 10:00 AM तूफान 'अंफन' अपडेट: सुपर साइक्लोन बनने को हो रहा तैयार, पश्चिम बंगाल और बंग्लादेश के तटों से टकराने की आशंका

सोमवार सुबह तूफान अंफन कोलकाता से लगभग 1000 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में था। इसी समय पारादीप से इसकी दूरी 790 किलोमीटर दक्षिण में, दीघा से 940 किलोमीटर दक्षिण में थी।

इस समय जहां पर तूफान या वहाँ समुद्र की सतह का तापमान 31-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास है और वर्टिकल विंड शीयर हल्की से मध्यम है। यानि की समुद्र और वायुमंडलीय स्थितियाँ अभी भी इसके अनुकूल हैं।

देश भर के मौसम का हाल जानने के लिए देखें वीडियो

बंगाल की खाड़ी पर बना चक्रवाती तूफान अंफन पिछले 12 घण्टों में और प्रभावी होते हुए अत्यंत भीषण चक्रवात में तब्दील हो गया है। पिछले 6 घंटों के दौरान यह 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गतिसे आगे बढ़ा है। इस समय तूफान अंफन बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी मध्य और इससे सटे दक्षिणी मध्य भागों पर है।

मौसमी विशेषज्ञों को डर है कि आज शाम या रात तक यह सुपर साइक्लोन की कैटेगरी में आ जाएगा। लगभग तूफान फानी जैसा रूप लेता दिखाई दे रहा है। अब यह उत्तर-उत्तर-पूर्वी दिशा में बढ़ेगा और इसके पश्चिम बंगाल तथा बांग्लादेश के बीच 20 मई की दोपहर या शाम के समय लैंडफॉल करने की संभावना है। इसके लैंडफॉल का लोकेशन दीघा और हटिया के करीब हो सकता है।

Updated on May 16 at 09:30 PM तूफान 'अंफन' अपडेट: अति भीषण चक्रवात की क्षमता में आ गया है 'अंफन', अभी और विकराल रूप लेने की आशंका

चक्रवाती तूफान अंफन चक्रवात की क्षमता में कल रात को आया था और उसके बाद यह बड़ी तेजी से प्रभावी होता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में यह पहले भीषण चक्रवाती तूफान बना उसके बाद अति भीषण चक्रवाती तूफान की क्षमता में आ गया। इस समय यह पारादीप से 950 किलोमीटर दक्षिण में जबकि कोलकाता से 1250 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण-पश्चिम में है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह लगातार प्रभावी होता रहेगा और अगले 24 घंटों के भीतर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बन सकता है। जिसे अँग्रेजी में एक्सट्रीमली सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म (ESCS) कहा जाता है। अनुमान है कि यह बांग्लादेश और इससे सटे पश्चिम बंगाल के भागों के पास से लैंडफॉल करेगा और इसके लैंडफॉल का समय होगा 20 मई के आसपास।

अंडमान में आ गया मॉनसून

Updated on May 17 at 12:30 PM: चक्रवाती तूफान 'अंफन' लैंडफॉल से पहले बनेगा अति भीषण तूफान; तूफान के बांग्लादेश और इससे सटे भागों पर टकराने की आशंका

चक्रवाती तूफान 'अंफन' इस समय बंगाल की खाड़ी पर 11.2 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.3 डिग्री पूर्वी देशांतर पर है।

17 मई की सुबह से यह 6 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। दोपहर तक यह कोलकाता के दक्षिण में 712 किलोमीटर दक्षिण में पहुँच गया था।

समुद्री तूफान 'अंफन' के अगले कुछ घंटों में ही भीषण चक्रवात बन जाएगा। इसके प्रभावी होने के लिए लिए समुद्र में स्थितियाँ अनुकूल हैं। समुद्र की सतह का तापमान 31-32 डिग्री सेल्सियस है। साथ ही हवाएँ भी इसको और प्रभावी होने में मदद कर रही हैं। वर्टिकल विंड शीयर 10 से 20 knots पर हल्की से मध्यम है।

आज शाम या रात तक तूफान 'अंफन' अति भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है।

प्रभावी होने के साथ-साथ तूफान अगले 24 घंटों तक उत्तरी दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। 24 घंटों के बाद यह अपनी दिशा बदलेगा और उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी दिशा में आगे बढ़ेगा। अनुमान है कि तूफान अंफन 21 मई को बांग्लादेश पर लैंडफॉल करेगा।

जिस समय इसका लैंडफाल होगा उस समय हवा की रफ्तार 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

Updated on May 16 at 09:30 PM बंगाल की खाड़ी पर बन गया चक्रवाती तूफान 'अंफन', ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों, पर मचा सकता है तबाही

बंगाल की खाड़ी पर बना मौसमी सिस्टम प्रभावी होते हुए चक्रवाती तूफान बन गया है। चक्रवाती तूफान ‘अंफन’ अब अपनी पूरी क्षमता में है। इस समय यह बंगाल की खाड़ी में चेन्नई से पूर्व-दक्षिण-पूर्व में 650 किलोमीटर दूर है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तूफान ‘अंफन’ 19 मई की रात या 20 मई की सुबह पश्चिम बंगाल और इससे सटे ओडिशा के पास लैंडफॉल कर सकता है। अनुमान है कि तूफान कोलकाता के दक्षिण-पूर्व से होकर गुजरेगा। इसके चलते न सिर्फ बंगाल के तटीय भागों में बल्कि ओडिशा के तटीय इलाकों में भी भीषण बारिश देखने को मिलेगी और तबाही मचाने वाली हवाएं भी अपना तांडव दिखा सकती हैं।

यह समय भारत के पूर्वी तटों पर खासतौर पर ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर राज्यों के तटीय इलाकों में सतर्क होने का समय है। चेतावनी पहले ही जारी की जा चुकी है ताकि जानमाल का नुकसान कम से कम हो।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र में स्थितियां इसके अनुकूल दिख रही हैं। वायुमंडलीय स्थितियां भी मदद करती हुई नजर आ रही हैं, जिसके आधार पर यह कहा जा रहा है कि जिस तेजी से सशक्त होने की प्रक्रिया पिछले दो-तीन दिनों के दौरान देखी गई है वैसे ही आने वाले समय में यह आगे बढ़ते हुए और प्रभावी होता रहेगा और अगले 24 से 48 घंटों के भीतर भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा।

जिस जगह पर तूफान चल रहा है उसके आसपास तकरीबन 12 फीट ऊंची लहरें उठ रही है। अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक चक्रवाती तूफान ‘अंफन’ उत्तरी दिशा में आगे बढ़ेगा। उसके बाद यह उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिशा की तरफ मुड़ जाएगा। इसी दौरान यह अति भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेगा।

Updated on May 16 at 12:30 PM तूफान अंफन के पूर्वी तटों पर टकराने से भारत के कौन-कौन से राज्य हो सकते हैं प्रभावित

बंगाल की खाड़ी पर उठ रहा चक्रवाती तूफान अंफन किस राह जाएगा यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। वेदर मॉडल इसके दो ट्रैक दिखा रहे हैं। एक ट्रैक पश्चिम बंगाल और इससे सटे बांग्लादेश की ओर दिखाया जा रहा है जबकि दूसरा ट्रैक म्यांमार की ओर इसके जाने की ओर इशारा कर रहा है।

लेकिन यह तय हो चुका है कि बंगाल की खाड़ी में सीज़न का पहला चक्रवाती तूफान अगले 24 से 36 घंटों में विकसित हो जाएगा। और यह दो संभावित ट्रैक में से किसी भी तरफ जाए भारत के कुछ हिस्सों का प्रभावित होना भी लगभग निश्चित है। अगर यह सिस्टम म्यांमार या बांग्लादेश जाता है तो पूर्वोत्तर में मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा और नागालैंड तथा पश्चिम बंगाल के तटीय हिस्सों पर भीषण बारिश देगा।

साथ ही अगर यह चक्रवाती तूफान पश्चिम बंगाल और ओड़ीशा पर लैंडफॉल करता है तो छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक इसका असर देखने को मिल सकता है। साथ ही अगर ओडिशा पर यह लैंडफॉल करता है तो महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक बारिश हो सकती है।

Published on May 15 at 12:00 PM: संभावित तूफान ‘अंफन’ के चलते आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिज़ोरम और मणिपुर में अलर्ट

साल 2020 का पहला चक्रवाती तूफान अंफन अगले 24 घंटों में अस्तित्व में आ सकता है। आशंका है कि यह लैंडफॉल से पहले अति भीषण चक्रवात बन जाएगा। इसके संभावित ट्रैक को देखते हुए भारत के तमाम क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया गया है। पूर्वी तटों पर तमिलनाडु और पुद्दुचेरी से लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिज़ोरम और मणिपुर जैसे तटीय क्षेत्रों को अलर्ट किया गया है। अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में तूफानी हवाओं के साथ पहले से ही भारी बारिश हो रही है। अगले 48 घंटों तक अंडमान पर इसका प्रभाव बना रहेगा।

बंगाल की खाड़ी पर बना गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र जल्द ही और प्रभावी हो सकता है। इस समय सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में जिस तरह से बादल दिखाई दे रहे हैं उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह सिस्टम अब डिप्रेशन बन चुका है। यह 16 मई की शाम तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस समय यह 10.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.3 डिग्री पूर्वी देशांतर यानी विशाखापट्टनम से 900 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस समय जहां पर यह सिस्टम है वहाँ ना सिर्फ समुद्र में स्थितियाँ अनुकूल हैं बल्कि वायुमंडल में भी स्थितियां इसके पक्ष में हैं। इसके प्रभावी होने के लिए। एक तरफ समुद्र की सतह का तापमान काफी गर्म है जो चक्रवाती तूफान के विकसित होने में अहम भूमिका अदा कर रहा है, तो दूसरी ओर वर्टिकल विंडशियर भी इस समय कमजोर है। अनुमान यह कि कल तक यह साइक्लोनिक स्टॉर्म यानी चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा।

चक्रवाती तूफान बनने के बाद 17 मई तक यह उत्तर पश्चिमी दिशा में बढ़ता रहेगा। चेन्नई से महज़ 600 किलोमीटर दूर तक पहुंचने के बाद यह अपना रास्ता बदलेगा और उत्तर दिशा में आंध्र प्रदेश के तटों की तरफ बढ़ेगा। उसके बाद पुनः इसके रास्ता बदलने की संभावना है। तब यह अनुमान है कि उत्तर तथा उत्तर पूर्वी दिशा में आगे बढ़ेगा।

इसलिए तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर इससे व्यापक प्रभाव की आशंका बहुत अधिक भले नहीं है लेकिन उत्तरी तटीय ओड़िशा और इससे पश्चिम बंगाल को इस तूफान से खतरा नजर आ रहा है।

जिस समय तूफान अपना मार्ग परिवर्तित कर रहा होगा उसी दौरान यह प्रभावी होता भी रहेगा। तटों पर लैंडफॉल करने से पहले यह भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। इस दौरान आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय भागों के पास समुद्र में हलचल बहुत अधिक रहेगी। 16 मई की रात से तूफान के लैंडफॉल करने तक समुद्र में स्थितियां बहुत विपरीत हो जाएंगी।

भारत के अंदरूनी राज्यों को भी रहना होगा सचेत

अगर यह तूफान आंध्र प्रदेश या ओडिशा के रास्ते भारत में लैंडफॉल करता है तो भारत के अंदरूनी राज्यों यानि तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों को भी अलर्ट रहना होगा। जब कोई भी समुद्री तूफान जमीनी भागों पर पहुंचता है तो यह कई हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अपना प्रभाव दिखाता है।

Image credit: Skymetweather

कृपया ध्यान दें: स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।







For accurate weather forecast and updates, download Skymet Weather (Android App | iOS App) App.

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Weather Forecast

Other Latest Stories





latest news

Skymet weather

Download the Skymet App

Our app is available for download so give it a try

×