[Hindi] सुपर साइक्लोन अंपन: पिछले 20 वर्षों में बंगाल की खाड़ी का पहला भीषणतम चक्रवात

May 20, 2020 11:55 AM |

Updated on May 20 at 12:00 AM सुपर साइक्लोन अंपन: पिछले 20 वर्षों में बंगाल की खाड़ी का पहला भीषणतम चक्रवात

साल 2020 का पहला चक्रवाती अंपन सुपर साइक्लोन बन गया। बंगाल की खाड़ी में उठने वाले चक्रवाती तूफानों में पिछले 20 वर्षों में यह सबसे भीषणतम चक्रवात है। इसके साथ 275 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं। बंगाल की खाड़ी में उठने वाले तूफानों के कारण हवा की इतनी तेज़ गति शायद ही देखने को मिलती हो।

सुपर साइक्लोन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है ओडिशा और तटीय पश्चिम बंगाल के भागों में हवाएँ उग्र होती जा रही हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से लेकर तटीय ओडिशा, तटीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में अब से लेकर तूफान के लैंडफॉल तक हवाओं की रफ्तार बढ़ती ही रहेगी। खासतौर पर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय भागों और पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ स्थानों पर जल्द ही 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवाएँ चलनी शुरू होंगी।

बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्सों में उथल-पुथल मची हुई है और हवाओं की रफ़्तार लगातार बढ़ती जा रही है। अनुमान है कि अब सुपर साइक्लोन उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिशा में बढ़ेगा। तूफान अंपन के पश्चिम बंगाल और इससे सटे बांग्लादेश के तटों से 20 मई की दोपहर या शाम तक टकराने की आशंका है।

Updated on May 18 at 10:30 PM तूफान 'अंफन' अपडेट: अति भीषण चक्रवात 'अंफन' के सुपर साइक्लोन बनने का ख़तरा

बंगाल की खाड़ी पर बना चक्रवाती तूफान अंफन पिछले 12 घण्टों में और प्रभावी होते हुए अत्यंत भीषण चक्रवात में तब्दील हो गया है। पिछले 6 घंटों के दौरान यह 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गतिसे आगे बढ़ा है। इस समय तूफान अंफन बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी मध्य और इससे सटे दक्षिणी मध्य भागों पर है।

सोमवार सुबह तूफान अंफन कोलकाता से लगभग 1000 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में था। इसी समय पारादीप से इसकी दूरी 790 किलोमीटर दक्षिण में, दीघा से 940 किलोमीटर दक्षिण में थी।

इस समय जहां पर तूफान या वहाँ समुद्र की सतह का तापमान 31-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास है और वर्टिकल विंड शीयर हल्की से मध्यम है। यानि की समुद्र और वायुमंडलीय स्थितियाँ अभी भी इसके अनुकूल हैं।

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मौसमी विशेषज्ञों को डर है कि आज शाम या रात तक यह सुपर साइक्लोन की कैटेगरी में आ जाएगा। लगभग तूफान फानी जैसा रूप लेता दिखाई दे रहा है। अब यह उत्तर-उत्तर-पूर्वी दिशा में बढ़ेगा और इसके पश्चिम बंगाल तथा बांग्लादेश के बीच 20 मई की दोपहर या शाम के समय लैंडफॉल करने की संभावना है। इसके लैंडफॉल का लोकेशन दीघा और हटिया के करीब हो सकता है।

Updated on May 16 at 09:30 PM तूफान 'अंफन' अपडेट: बांग्लादेश और इससे सटे पश्चिम बंगाल के तटों पर कर सकता है लैंडफॉल

चक्रवाती तूफान अंफन चक्रवात की क्षमता में कल रात को आया था और उसके बाद यह बड़ी तेजी से प्रभावी होता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में यह पहले भीषण चक्रवाती तूफान बना उसके बाद अति भीषण चक्रवाती तूफान की क्षमता में आ गया। इस समय यह पारादीप से 950 किलोमीटर दक्षिण में जबकि कोलकाता से 1250 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण-पश्चिम में है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह लगातार प्रभावी होता रहेगा और अगले 24 घंटों के भीतर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बन सकता है। जिसे अँग्रेजी में एक्सट्रीमली सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म (ESCS) कहा जाता है। अनुमान है कि यह बांग्लादेश और इससे सटे पश्चिम बंगाल के भागों के पास से लैंडफॉल करेगा और इसके लैंडफॉल का समय होगा 20 मई के आसपास।

अंडमान में आ गया मॉनसून

Updated on May 17 at 12:00 PM: तूफान अंफन अपडेट: लगातार प्रभावी हो रहा तूफान 'अंफन' आज शाम तक बन जाएगा अति भीषण चक्रवाती तूफान

चक्रवाती तूफान अंफन इस समय बंगाल की खाड़ी पर 11.2 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.3 डिग्री पूर्वी देशांतर पर है।

17 मई की सुबह से यह 6 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। दोपहर तक यह कोलकाता के दक्षिण में 712 किलोमीटर दक्षिण में पहुँच गया था।

समुद्री तूफान अंफन के अगले कुछ घंटों में ही भीषण चक्रवात बन जाएगा। इसके प्रभावी होने के लिए लिए समुद्र में स्थितियाँ अनुकूल हैं। समुद्र की सतह का तापमान 31-32 डिग्री सेल्सियस है। साथ ही हवाएँ भी इसको और प्रभावी होने में मदद कर रही हैं। वर्टिकल विंड शीयर 10 से 20 knots पर हल्की से मध्यम है।

आज शाम या रात तक तूफान अंफन अति भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है।

प्रभावी होने के साथ-साथ तूफान अगले 24 घंटों तक उत्तरी दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। 24 घंटों के बाद यह अपनी दिशा बदलेगा और उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी दिशा में आगे बढ़ेगा। अनुमान है कि तूफान अंफन 21 मई को बांग्लादेश पर लैंडफॉल करेगा।

जिस समय इसका लैंडफाल होगा उस समय हवा की रफ्तार 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

Updated on May 16 at 09:00 PM: तूफान अंफन अपडेट: आखिरकार बंगाल की खाड़ी में बन गया तूफान अंफन; अगले 24-48 घंटों में भीषण से अति भीषण चक्रवाती तूफान का ले सकता है रूप

लंबे इंतजार के बाद बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम निम्न दबाव के बाद डिप्रेशन और डिप्रेशन के बाद चक्रवाती तूफान की क्षमता में आ गया है। चक्रवाती तूफान ‘अंफन’ अब अपनी पूरी क्षमता में है। इस समय यह बंगाल की खाड़ी में चेन्नई से पूर्व-दक्षिण-पूर्व में 650 किलोमीटर दूर है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र में स्थितियां इसके अनुकूल दिख रही हैं। वायुमंडलीय स्थितियां भी मदद करती हुई नजर आ रही हैं, जिसके आधार पर यह कहा जा रहा है कि जिस तेजी से सशक्त होने की प्रक्रिया पिछले दो-तीन दिनों के दौरान देखी गई है वैसे ही आने वाले समय में यह आगे बढ़ते हुए और प्रभावी होता रहेगा और अगले 24 से 48 घंटों के भीतर भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा।

जिस जगह पर तूफान चल रहा है उसके आसपास तकरीबन 12 फीट ऊंची लहरें उठ रही है। अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक चक्रवाती तूफान ‘अंफन’ उत्तरी दिशा में आगे बढ़ेगा। उसके बाद यह उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिशा की तरफ मुड़ जाएगा। इसी दौरान यह अति भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेगा।

मौसम विशेषज्ञों का आकलन है कि यह 19 से 20 मई के बीच यानि 19 मई की रात या 20 मई की सुबह कोलकाता के दक्षिण-पूर्व में लैंडफॉल करेगा। इसके चलते न सिर्फ बंगाल के तटीय भागों में बल्कि ओडिशा के तटीय इलाकों में भी भीषण बारिश देखने को मिलेगी और तबाही मचाने वाली हवाएं भी अपना तांडव दिखा सकती हैं।

यह समय भारत के पूर्वी तटों पर खासतौर पर ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर राज्यों के तटीय इलाकों में सतर्क होने का समय है। चेतावनी पहले ही जारी की जा चुकी है ताकि जानमाल का नुकसान कम से कम हो।

Updated on May 16 at 11:50 AM: तूफान अंफन अपडेट: निम्न दबाव का क्षेत्र सशक्त होकर मध्य रात्रि में बना डिप्रेशन, जल्द ही तूफान की क्षमता में विकसित होने के संकेत

साल 2020 का पहला चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी में अब से कुछ ही देर में अपनी क्षमता में आ सकता है। यानि अगले 24 घंटों के भीतर चक्रवाती तूफान अंफन विकसित हो सकता है। तूफान बनने के बाद ही अगले 24 घंटों में यह भीषण चक्रवात का रूप भी ले सकता है।

16 मई को यह दक्षिण-पूर्वी और इससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी पर था। इसी दूरी भारत के उन क्षेत्रों से देखें जहां इसके हिट करने की आशंका है, तो ओडिशा के पारादीप से लगभग 1000 किलोमीटर दक्षिण में है जबकि पश्चिम बंगाल के दिघा से लगभग 1200 किलोमीटर दक्षिण में है।

अगले 24 घंटों तक इसके उत्तर-पश्चिमी दिशा में ही आगे बढ़ने की संभावना है। उसके बाद यह अपना रास्ता बदल सकता है। हालांकि अभी भी इसके ट्रैक को लेकर असमंजस है। ज़्यादातर मॉडल इसके रास्ता बदलकर बांग्लादेश और उससे सटे पश्चिम बंगाल या म्यांमार की तरफ जाने का संकेत दे रहे हैं।

इस आधार पर पश्चिम बंगाल और इससे सटे उत्तर-तटीय ओडिशा पर अलर्ट की आवश्यकता है। लेकिन ओडिशा के बाकी तटीय भागों और आंध्र प्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। अगर तूफान अंफन भारत के पूर्वी तटों की तरफ आता है तो निश्चित है कि तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, विदर्भ, झारखंड और बिहार तक भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

Updated on May 15 at 02:00 PM: तूफान अंफन अपडेट: भारत के तटों पर बढ़ा ख़तरा, लैंडफॉल से पहले 'अंफन' लेगा भीषण चक्रवात का रूप

बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र पहले गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र में तब्दील हुआ और इस समय सैटेलाइट तस्वीरों में जिस तरह से बादल घुमड़ते दिखाई दे रहे हैं वह स्पष्ट संकेत है कि यह अब डिप्रेशन बन चुका है। इस समय यह 10.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.3 डिग्री पूर्वी देशांतर यानी विशाखापट्टनम से 900 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है।

आपको बता दें कि समुद्र के साथ-साथ वायुमंडल में स्थितियां बेहद अनुकूल हैं इसके प्रभावी होने के लिए। एक तरफ समुद्र की सतह का तापमान काफी गर्म है जो चक्रवाती तूफान के विकसित होने में अहम भूमिका अदा कर रहा है, तो दूसरी ओर वर्टिकल विंडशियर भी इस समय कमजोर है। अनुमान यह कि कल तक यह साइक्लोनिक स्टॉर्म यानी चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा।

चक्रवाती तूफान बनने के बाद 17 मई तक यह उत्तर पश्चिमी दिशा में बढ़ता रहेगा। चेन्नई से महज़ 600 किलोमीटर दूर तक पहुंचने के बाद यह अपना रास्ता बदलेगा और उत्तर दिशा में आंध्र प्रदेश के तटों की तरफ बढ़ेगा। उसके बाद पुनः इसके रास्ता बदलने की संभावना है। तब यह अनुमान है कि उत्तर तथा उत्तर पूर्वी दिशा में आगे बढ़ेगा।

इसलिए तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर इससे व्यापक प्रभाव की आशंका बहुत अधिक भले नहीं है लेकिन उत्तरी तटीय ओड़िशा और इससे पश्चिम बंगाल को इस तूफान से खतरा नजर आ रहा है।

जिस समय तूफान अपना मार्ग परिवर्तित कर रहा होगा उसी दौरान यह प्रभावी होता भी रहेगा। तटों पर लैंडफॉल करने से पहले यह भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। इस दौरान आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय भागों के पास समुद्र में हलचल बहुत अधिक रहेगी। 16 मई की रात से तूफान के लैंडफॉल करने तक समुद्र में स्थितियां बहुत विपरीत हो जाएंगी।

Updated on May 14 at 01:00 PM: भारत के पूर्वी तट पर तूफान के टकराने की आशंका कम लेकिन तटीय भागों में मुक़ाबले के लिए रहना होगा तैयार

दक्षिणी अंडमान सागर पर बना लो प्रेशर अब well-marked लो बन गया है। जल्द ही यह डिप्रेशन में तब्दील होगा और उसके बाद यह चक्रवाती तूफान AMPHAN में तब्दील हो जाएगा। अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह के कुछ क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा हो सकती है।

इस सिस्टम के कारण दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और इससे अंडमान सागर में उथल-पुथल की स्थिति देखने को मिल रही है। इस समय उस क्षेत्र में कोई भी गतिविधियां करना संभव नहीं हैं।

बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम और कोमोरिन क्षेत्र पर सक्रिय सर्कुलेशन के चलते केरल और तटीय कर्नाटक के साथ-साथ दक्षिणी तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर तेज़ बारिश हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी पर बनने वाले डिप्रेशन का प्रभाव केरल तक दिखाई देगा। जैसे-जैसे यह सिस्टम शक्तिशाली बनता जाएगा पश्चिमी घाटों से होते हुए दक्षिणी प्रायद्वीप के कई इलाकों पर पश्चिमी आर्द्र हवाएँ तेज़ हो जाएंगी।

यही वजह है कि कम से कम अगले 2-3 दिनों तक केरल के कई हिस्सों में तेज़ बारिश जारी रहेगी।

हालांकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के ज़्यादातर भागों के साथ तटीय तमिलनाडु में मौसम शुष्क रहेगा। लेकिन कर्नाटक के आंतरिक शहरों में छिटपुट बारिश संभव है।

Updated on May 13 at 07:00 PM: तूफान अंफन अपडेट: अगले 3-4 दिनों में बनेगा तूफान; ट्रैक को लेकर असमंजस

चक्रवाती तूफान अंफन जो बनते बनते रह गया था, अब उसके अपनी क्षमता में आने की संभावना फिर से बनने लगी है। पिछले 24 घंटों के दौरान वह सिस्टम निम्न दबाव के क्षेत्र में तब्दील हुआ जो दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर तकरीबन 10-12 दिनों से चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के रूप में दक्षिणी अंडमान सागर तथा दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ था।

बंगाल की खाड़ी के उसी क्षेत्र में मौसमी स्थितियां और वायुमंडलीय स्थितियां अनुकूल दिख रही हैं। समुद्र की सतह का तापमान भी बंगाल की खाड़ी में तूफान के विकसित होने के अनुकूल है, इसलिए संभावना है कि अगले 24-48 घंटों में यह सिस्टम प्रभावी होते हुए डिप्रेशन का रूप ले लेगा और 16 मई की शाम तक दक्षिण-मध्य तथा उससे सटे पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवाती तूफान उभर जाएगा। इसका नाम अंफन होगा, यह नाम थाईलैंड ने दिया है।

चक्रवाती तूफान बनने की इस प्रक्रिया के दौरान मौसमी सिस्टम शुरुआती चरण में उत्तर पश्चिमी दिशा में बढ़ता रहेगा और बंगाल की खाड़ी के मध्य तक आकर 17 मई को अपनी दिशा बदलेगा। इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि यह सिस्टम बांग्लादेश और इससे सटे पश्चिम बंगाल के तटीय भागों पर लैंडफॉल करेगा। हालांकि मौसम से जुड़े मॉडल विरोधाभासी संकेत दे रहे हैं। कुछ मौसमी मॉडल संभावित तूफान अंफन के म्यांमार की तरफ जाने की ओर भी इशारा कर रहे हैं। इसके ट्रैक यानी मार्ग के बारे में अभी स्पष्ट कह पाना संभव नहीं है। हमें प्रतीक्षा करनी होगी और इस सिस्टम पर लगातार नजर बनाए रखनी होगी कि किस तरह से यह विकसित होगा और किस तरह से आगे बढ़ता रहेगा।

Updated on May 12 at 08:00 PM: तूफान अंफन अपडेट: खाड़ी में फिर से प्रभावी होने लगा सिस्टम, जल्द बनने वाला है निम्न दबाव का क्षेत्र

अंडमान सागर पर पहले चक्रवाती क्षेत्र उसके बाद निम्न दबाव और फिर कमजोर होकर चक्रवाती क्षेत्र। और अब फिर से यह हो रहा है प्रभावी। आमतौर ऐसा बहुत कम होता है कि कोई सिस्टम प्रभावी होने के बाद कमजोर हो और फिर से प्रभावी होने लगे। फिलहाल यह मौसमी सिस्टम अंडमान सागर और इससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर है। अनुमान है कि अगले 24 से 36 घंटों में यह सशक्त होकर निम्न दबाव का क्षेत्र बन जाएगा।

12 से 18 मई के बीच एमजेओ फिर से चरण 2 व 3 में हिन्द महासागर के पास आने वाला है। हालांकि यह पूरी क्षमता में नहीं होगा फिर भी बंगाल की खाड़ी पर बन रहे निम्न दबाव को प्रभावी करने में अपनी भूमिका अदा करेगा।

अब मौसम से जुड़े ज़्यादातर मॉडल संकेत दे रहे हैं कि 15 मई के बाद साल 2020 का पहला चक्रवाती तूफान विकसित हो सकता है। हालांकि इसके मार्ग, इसकी क्षमता और इसके लैंडफॉल को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। जहां पर यह सिस्टम है उसके आसपास के क्षेत्रों में समुद्र में हलचल बढ़ गई है। और घने बादलों का जमावड़ा सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई दे रहा है।

Updated on May 9 at 01:55 PM: तूफान अंफन ताज़ा अपडेट

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र इस समय दक्षिणी अंडमान सागर और इससे सटे सुमात्रा द्वीप के क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है। इस सिस्टम के आसपास आर्द्र हवाएँ चक्कर लगा रही हैं और विशाल कन्वेक्टिव बादल दिखाई दे रहे हैं।

कुछ वेदर मॉडल संकेत दे रहे हैं कि यह सिस्टम प्रभावी होते हुए एक सप्ताह के भीतर दक्षिणी तथा दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव विकसित कर सकता है। जहां पर यह सिस्टम बना हुआ है वहाँ वायुमंडलीय स्थितियाँ इसके प्रभावी होने के अनुकूल दिखाई दे रही हैं।

हालांकि इसके प्रभावी होने को लेकर वेदर मॉडल्स एक मत नहीं हैं। इसके ट्रैक को लेकर भी वेदर मॉडल्स से मिल रहे संकेतों में भिन्नता है। इसलिए अभी कुछ भी निष्कर्ष निकाल पाना संभव नहीं है। इस सिस्टम पर अगले 3 दिन नज़र रखनी होगी उसके बाद ही कुछ अनुमान लगाया जा सकेगा।

Updated on May 8 at 07:00 PM: तूफान अंफन ताज़ा अपडेट

बंगाल की खाड़ी और इससे सटे दक्षिणी अंडमान सागर पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर होते हुए चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। यह शीघ्र से प्रभावी होगा, ऐसी संभावना भी नहीं है। लेकिन खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना खत्म हो गई है ऐसा भी नहीं है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के भीतर दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर एक नया चक्रवाती सिस्टम बनेगा। यह सिस्टम पहले से बने चक्रवाती क्षेत्र के साथ मिल जाएगा। दोनों सिस्टमों की हवाएँ जब आपस में मिल जाएंगी तब एक प्रभावी सिस्टम के विकसित होने की संभावना है।

अनुमान है कि 11 मई तक प्रभावी सिस्टम बन जाएगा। उसके बाद यह सिस्टम और सशक्त होगा। हालांकि इसके प्रभावी होने की प्रक्रिया और इसके ट्रैक को लेकर अलग-अलग वेदर मॉडल्स के सिगनल्स भी अलग-अलग मिल रहे हैं। इसलिए अगले 3-4 दिनों तक इस पर नज़र रखने की ज़रूरत है। 11-12 मई के बाद ही इसके बारे में कुछ स्पष्ट हो पाएगा।

Updated on May 6 at 12:50 PM: 2020 का पहला तूफान: बंगाल की खाड़ी पर बने सिस्टम की गति धीमी, अगले तीन दिन तक अपनी जगह पर ही घुमड़ता रहेगा यह सिस्टम

वर्ष 2020 का पहला चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी में अप्रैल के आखिर में ही विकसित होता दिखा। ऐसी संभावना थी कि अप्रैल से पहले ही बंगाल की खाड़ी और इससे सटे अंडमान सागर पर एक निम्न दबाव बन जाएगा जो तेज़ी से प्रभावी होता रहेगा। 

निम्न दबाव के अगले तीन-चार दिनों में ही पहले गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने उसके बाद डिप्रेशन तथा डीप डिप्रेशन बनने की संभावना थी। अनुमान लगाया गया था कि 6-7 मई तक यह सिस्टम चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा।

फिलहाल जो सिस्टम बना हुआ है उसकी क्षमता निम्न दबाव की है और आने वाले तीन-चार दिनों तक यह इसी क्षमता में बना रहेगा और यह अपनी जगह भी नहीं बदलेगा। लेकिन यह सिस्टम जब चक्रवाती तूफान बनेगा उसके बाद यह किस दिशा में जाएगा और किस क्षमता में लैंड फॉल करेगा इसको लेकर अभी भी संशय है।

Updated on May 4 at 08:30 AM: बंगाल की खाड़ी पर बने सिस्टम के सशक्त होने गति धीमी, 48-72 घंटों बाद तस्वीर होगी साफ

उत्तरी अंडमान सागर और इससे सटे बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र बीते 24 घंटों में ना तो प्रभावी हुआ है और ना ही इसने अपना स्थान बदला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी मुख्य वजह है मॉडन जूलियन ओषिलेशन के दायरे में कमी और इसका हिन्द महासागर क्षेत्र से दूर 5 और 6ठें चरण में पहुंचाना।

इसके अलावा वर्टिकल विंड शियर भी कुछ मजबूत हो रही है। हालांकि चक्रवाती तूफान बनने के प्रमुख कारणों में से एक समुद्र की सतह का अधिक तापमान अभी इसके अनुकूल है। समुद्र की सतह लगातार गर्म हो रही है। जिस जगह पर यह मौसमी सिस्टम बना हुआ है वहां पर समुद्र की सतह का तापमान अपेक्षित रूप में गर्म है।

फिलहाल अगले 72 घंटों तक इसकी यथास्थिति कायम रहने की संभावना है। उसके बाद यह प्रभावी होगा और गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलेगा या डिप्रेशन का रूप लेगा।

अनुमान है कि 7 मई तक यह सिस्टम गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा उसके बाद अगले 24 घंटों में यह डिप्रेशन बन सकता है। 7 मई तक इसका ट्रैक उत्तर पश्चिमी दिशा में रहेगा।

Published on May 3 at 11:00 AM बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव तूफान ‘अंफन’ का रूप लेगा या नहीं, इसे लेकर मौसम वैज्ञानिक असमंजस में

बंगाल की खाड़ी पर साल 2020 का पहला चक्रवाती तूफान विकसित होगा, इसके संकेत काफी समय से मिल रहे हैं। लेकिन वैज्ञानिक इसे लेकर असमंजस की स्थिति में क्योंकि इसके प्रभावी होने की रफ्तार काफी धीमी है। पहले अनुमान था कि 29 अप्रैल या उससे पहले ही निम्न दबाव का क्षेत्र अंडमान सागर और इससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर विकसित होगा और 1 मई को यह डिप्रेशन बन जाएगा। लेकिन निम्न दबाव का क्षेत्र बना 1 मई को।

इस समय पर्यावरणीय परिस्थितियां अनुकूल दिखाई दे रही हैं इसलिए अनुमान है कि अगले 24 घंटों में यह और प्रभावी होगा। हालांकि इसकी आगे की दिशा और आगे के स्वरूप के बारे में अनुमान लगाया जाना फिलहाल कठिन है। मौसम से जुड़े मॉडल इसके प्रभावी होने इसके आगे बढ़ने जैसी संभावनाओं के बारे में एक समान संकेत नहीं दे रहे हैं।

इसके प्रभावी होने की प्रक्रिया और आगे बढ़ने की रफ्तार उम्मीद से कहीं अधिक धीमी है। किसी निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए सिस्टम पर अगले 48 घंटों तक नजर रखने की आवश्यकता है। उसके बाद ही इसके प्रभावी होने और इसके आगे बढ़ने के बारे में कुछ सटीक पता चल सकेगा। हालांकि यह लगभग तय है कि यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ता रहेगा। 

अगर तूफान बनता है तो नाम होगा ‘अंफन’

फिलहाल जहां पर यह सिस्टम है वहां समुद्र की सतह का तापमान और वर्टिकल विंड शीयर इसके अनुकूल है, जिससे हम अभी भी अनुमान लगा रहे हैं कि यह आने वाले समय में प्रभावी होगा और संभवत चक्रवाती तूफान का रूप भी लेगा। अगर यह तूफान बनता है तो भारत के तटों के पास साल 2020 का पहला तूफान होगा। इसे 'अंफन' नाम दिया जाएगा। 

यह सिस्टम अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह के काफी करीब है जिससे समूचे अंडमान व निकोबार क्षेत्र पर घने बादल छाए हुए हैं और आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान तमाम क्षेत्रों में यह गर्जना के साथ भारी वर्षा और तूफानी रफ्तार की हवाएं लगातार देता रहेगा।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि न सिर्फ सिस्टम के आसपास समुद्र में और पर्यावरण में स्थितियां इसके सशक्त होने के लिए अनुकूल है बल्कि बंगाल की खाड़ी का वृहद समुद्री क्षेत्र और भारत के तटीय क्षेत्रों पर बढ़ता तापमान थी जिसे और प्रभावी होने में मददगार होगा।

लेकिन इसके दिशा और इसके वास्तविक स्वरूप के बारे में अभी भी अनुमान लगाया जा सकना कठिन है। हमें और इंतजार करना होगा यह तय करने के लिए कि यह किस तरफ जाएगा और किस क्षमता में जाएगा।

Image credit: Al Jazeera

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