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[Hindi] पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में बारिश, चेन्नई में भी प्री-मॉनसून वर्षा की उम्मीद, मध्य और पूर्वी राज्यों में आँधी-बारिश की संभावना- जतिन सिंह, एमडी, स्काइमेट

April 7, 2020 2:10 PM |

देश में मार्च महीने में सामान्य से 47% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले महीने में कई बार हुई बेमौसम बरसात ने देश के कई हिस्सों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचाया है।

लॉक डाउन से देश की खेती पर असर

इस समय कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी बंदी (लॉक डाउन) चल रही है। इसके चलते सामान्य जन-जीवन के अलावा देश की खेती पर बुरा असर पड़ रहा है। गेहूं, चने, सरसों, समेत अनेक दलहनी फसलें भी पक कर तैयार हो चुकी हैं। कटाई और मड़ाई होने का समय है लेकिन बंदी के कारण इस काम में बाधा आ रही है। मजदूर नहीं मिल रहे जिससे किसान परेशान हैं।

हालांकि 21 दिनों का यह लॉक डाउन इसलिए भी ज़रूरी था ताकि भारत को स्टेज-3 में जाने से यानि समुदायों में पहुँचने से रोका जा सके। विश्व स्वस्थ्य संगठन समेत ज़्यादातर एजेंसियां सचेत कर रही हैं कि अगर भारत में यह वायरस समुदायों में पहुंचा तो दुनिया के अन्य देशों के मुक़ाबले बुरे नतीजे सामने आएंगे। तीन सप्ताह का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 14 अप्रैल 2020 तक चलेगा।

दुनिया भर में कोरोना से त्राहिमाम

COVID-19 दुनिया के लगभग 200 देशों में पहुँच चुका है। विश्व में अब तक 14 लाख से अधिक लोगों में कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है। यूरोपीय देशों और अमरीका में स्थितियाँ भयावह हैं। यह वैश्विक संकट नियंत्रण से परे है और अब तक इसे रोकने का कोई उपाय नहीं मिला है।

भारत में 4000 से ज़्यादा लोग मामले सामने आए हैं। अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं। अधिक तापमान और आर्द्र स्थितियों को कोरोनावायरस के दुष्प्रभाव को कम करने वाला माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि गर्म और आर्द्र क्षेत्रों की तुलना में वायरस ठंडे मौसम में लंबे समय तक अपने अस्तित्व को बनाए रखता है। तापमान में वृद्धि से कम से वायरस के लंबे समय तक अस्तित्व में रहने की संभावना कम हो जाती है।

अप्रैल में भारत के मौसम में बहुत कुछ बदल जाता है

अप्रैल का महीना मौसम के मिजाज में दो महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आता है। पहला, प्री-मॉनसून गतिविधियां प्रभावी होने लगती हैं और कुछ एक हिस्सों में हीटवेव शुरू हो जाती है और दूसरा, भारत से सटे समुद्रों में चक्रवाती तूफान उठने की संभावना बनने लगती है।

अप्रैल के पहले हफ्ते में दक्षिणी भागों में दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक हो गया है और अब मध्य भारत में भी कई इलाकों में तापमान तेज़ी से ऊपर जा रहा है। अप्रैल महीने के दौरान ही उत्तर भारत और पूर्वी भारत में नॉरवेस्टर यानि घातक धूल भरी आंधियाँ चलती हैं जिससे जान और माल दोनों को नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।

उत्तर भारत

उत्तर भारत में इस सप्ताह दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आएंगे। एक पश्चिमी विक्षोभ 6 अप्रैल को गया है। दूसरा 8 अप्रैल तक पहुंचेगा। मैदानी इलाकों पर चक्रवाती सिस्टम भी बनेंगे जिससे पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, दिल्ली एनसीआर और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 6 अप्रैल की रात से 7 अप्रैल तक बारिश की संभावना है। उत्तर भारत की पर्वतीय राज्यों और तराई क्षेत्रों में 9 अप्रैल तक मध्यम बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। 7 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों तेज़ बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गिरने और बादलों की तेज़ गर्जना होने की भी आशंका है। 12 अप्रैल को भी एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों का रुख करेगा।

पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। जबकि इन भागों में सप्ताह के मध्य से मौसम साफ और शुष्क हो जाएगा। पूर्वोत्तर भारत में पूरे सप्ताह बारिश के आसार हैं। 8 और 9 अप्रैल को तेज हवाओं के साथ गरज और चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। असम और मेघालय में विशेष रूप मौसम बिगड़ सकता है। विपरीत मौसम से बचाव के लिए इन दोनों राज्यों को पहले से ही एहतियात बरतने की ज़रूरत है।

मध्य भारत

गुजरात और मध्य प्रदेश पूरे सप्ताह मौसम शुष्क रहने की संभावना है। सौराष्ट्र और कच्छ, उत्तरी गुजरात और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से के साथ शुष्क गर्मी होगी। सप्ताह के पहले हिस्से में महाराष्ट्र भी शुष्क रहने वाला है। हालांकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के दक्षिणी हिस्सों में 10 से 12 अप्रैल के बीच गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में भी सप्ताह के पहले भाग में गरज के साथ बौछारें गिरने के आसार हैं।

दक्षिण प्रायद्वीप

प्री-मॉनसून महीनों में दक्षिण भारत के राज्यों में गर्मी ज़ोर पकड़ने लगती है। रायलसीमा के कुछ इलाकों में इस समय सबसे अधिक गर्मी पड़ रही है। इस बीच प्री-मॉनसून में बनने वाली ट्रफ प्रभावी हो रही है। इस सप्ताह छत्तीसगढ़ से तमिलनाडु तक ट्रफ बनी रहेगी। अनुमान है कि तमिलनाडु सहित अधिकांश हिस्सों में गरज और तेज़ हवा के साथ रुक-रुक कर बारिश की गतिविधियाँ देखने को मिलेंगी। दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक (बेंगलुरु, मैसूरु, हासन) और केरल में तेज आंधी के साथ 6 से 8 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

दिल्ली एनसीआर

दिल्ली में 6 अप्रैल को 35 डिग्री तक पहुंचा था तापमान। यह इस सीजन का सबसे अधिक तापमान है। फिलहाल 7 अप्रैल की शाम या रात गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। इस सप्ताह के शुरुआत दिनों में आर्द्र हवाएँ चलेंगी जिससे तापमान वृद्धि का सिलसिला कुछ समय के लिए रुकेगा।

चेन्नई

चेन्नई में 7 और 8 अप्रैल को 2020 के प्री-मॉनसून सीज़न का पहला बारिश का स्पेल देखने को मिलेगा। इन दो दिनों में गर्जना के साथ बारिश दर्ज की जाएगी।

Image credit: Indian Express

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