[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 18 फरवरी, 2026 का मौसम पूर्वानुमान
देश भर में मौसम प्रणाली:
भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों के पास एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी ऊंचाई तक फैला है।
यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और 18 फरवरी के आसपास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के पास और मजबूत हो सकता है।
एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मध्य पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों पर स्थित है, जो समुद्र तल से करीब 3.1 किमी ऊंचाई पर है।
साथ ही मध्य और ऊपरी स्तर की पछुआ हवाओं में एक ट्रफ भी बना हुआ है, जिसकी धुरी 5.8 किमी ऊंचाई पर लगभग 67° पूर्व देशांतर के साथ 25° उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है।
एक प्रेरित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण पंजाब और आसपास के क्षेत्रों पर बना है, जो समुद्र तल से करीब 1.5 किमी तक फैला हुआ है।
पिछले 24 घंटे के दौरान, देशभर में मौसम शुष्क (सूखा) बना रहा।
उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे के दौरान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 और 19 फरवरी को कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 17 और 18 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में 18 फरवरी को कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 17 और 18 फरवरी को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अगले दो दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।








