उत्तर भारत में तूफानी बारिश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश और गरज, ओलावृष्टि की संभावना

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Feb 17, 2026, 7:15 PM
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उत्तर भारत में तूफानी बारिश अलर्ट

मुख्य मौसम बिंदु

  • 17–18 फरवरी को उत्तर भारत में गरज, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
  • सबसे अधिक प्रभाव राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के तिकोनीय क्षेत्रों में
  • प्रभावित प्रमुख शहर: जयपुर, अजमेर, अलवर, ग्वालियर, आगरा
  • 20 फरवरी से मौसम में व्यापक सुधार और साफ़ी की संभावना

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उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर आगे बढ़ रहा है। यह सिस्टम सर्दी के अंत और प्री–मानसून के शुरुआती बदलाव के समय आता है। इसके साथ ही राजस्थान और आसपास के इलाकों पर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन दोनों मौसम प्रणालियों का मेल इस समय अक्सर गरज-चमक और ओलावृष्टि वाले तूफान की स्थिति बनाता है। सिस्टम बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है, फिर भी इसका असर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्सों पर दिखेगा, खासकर इन तीनों राज्यों के मिलन वाले क्षेत्रों में प्रभाव ज्यादा रहेगा।

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उत्तर राजस्थान से होगी शुरुआत, कई शहरों में मौसम का खतरा

मौसम गतिविधियां सबसे पहले उत्तर राजस्थान से शुरू होंगी। प्रभावित जिलों में गंगानगर, सूरतगढ़, अनूपगढ़ और हनुमानगढ़ शामिल रहेंगे। इसके बाद यह गतिविधि अन्य दो राज्यों की सीमाओं तक फैल जाएगी। जोखिम वाले प्रमुख शहरों में जयपुर, अजमेर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, बूंदी और कोटा शामिल हैं। इसके बाद असर मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक पहुंचेगा। प्रभावित स्थानों में ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, अशोक नगर, भिंड, मुरैना, दतिया, आगरा, अलीगढ़ और मथुरा तथा आसपास के इलाके शामिल रहेंगे।

कब से कब तक रहेगा असर, कब मिलेगा मौसम से राहत

मौसम की यह गतिविधि आज शाम से राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में शुरू होने की संभावना है और तेजी से पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। 18 फरवरी को इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, जब राजस्थान के बड़े हिस्से, दिल्ली और उससे लगे मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। 19 फरवरी को इसका कमजोर असर कुछ ही इलाकों में महसूस होगा। 20 फरवरी और उसके बाद पूरे क्षेत्र में मौसम के साफ होने और राहत मिलने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

उत्तर भारत में सबसे अधिक असर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के तिकोनीय क्षेत्रों में रहेगा।

भावित शहरों में जयपुर, अजमेर, अलवर, ग्वालियर और आगरा शामिल हैं।

मौसम गतिविधि 17–18 फरवरी को सबसे अधिक रहेगी और 20 फरवरी के बाद पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से साफ़ मौसम और राहत मिलने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है