[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 07 अक्टूबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Oct 6, 2026, 11:00 AM
WhatsApp icon
thumbnail image

पूरे देश का मौसम पूर्वानुमान

देश भर में मौसम प्रणाली:

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा लगातार आगे बढ़ रही है। अभी यह रेखा 27.5°N/86.5°E, सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती, हरनाई और 17.5°N/71.8°E से होकर गुजर रही है। इसका मतलब है कि मानसून देश के कई हिस्सों से पीछे हट चुका है और इसकी वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

दक्षिणी तटीय ओडिशा और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर समुद्र तल से करीब 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

वहीं दक्षिण केरल तट से दूर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर करीब 5.8 किमी की ऊंचाई पर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इसके अलावा उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के ऊपर भी 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

Advertisement

एक ट्रफ यानी हवा का कम दबाव वाला लंबा क्षेत्र अब मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक बना हुआ है। यह तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा आंतरिक कर्नाटक से होकर गुजर रहा है और करीब 0.9 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है।

Advertisement

एक अन्य ट्रफ हरियाणा से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। यह उत्तर प्रदेश, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर ओडिशा से होकर गुजर रहा है और करीब 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैला है।

वहीं एक और ट्रफ उत्तर उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम से मध्य महाराष्ट्र तक बना हुआ है। यह बिहार, झारखंड, विदर्भ और मराठवाड़ा से होकर गुजर रहा है और करीब 5.8 किमी की ऊंचाई पर है।

सिक्किम और आसपास के क्षेत्र में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब इसी ट्रफ में मिल गया है।

इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल की पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ के रूप में मौजूद है। इसकी धुरी करीब 5.8 किमी की ऊंचाई पर 68°E देशांतर के आसपास और 32°N अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटे के दौरान, रायलसीमा, तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उत्तर-पश्चिमी बिहार और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इन क्षेत्रों में कुछ जगहों पर भारी बारिश के दौर भी देखने को मिले।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, तटीय कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटे के दौरान लक्षद्वीप, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत, बिहार के कुछ हिस्सों, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

author image
Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

लक्षद्वीप, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है।

हां, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

रायलसीमा, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार, उत्तर-पश्चिमी बिहार और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ जगह भारी बारिश भी दर्ज की गई।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है