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[Hindi] पंजाब का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान और किसानों के लिए फसल सलाह (17 से 23 नवंबर, 2020)

November 17, 2020 1:06 PM |

पंजाब में 17 से 23 नवंबर के बीच कैसा रहेगा मौसम का हाल। और क्या है पंजाब के लिए फसलों से जुड़ी सलाह।

पंजाब में लगभग दो महीनों के लंबे इंतज़ार के बाद 15 नवंबर को बारिश हुई। राज्य के कई जिलों में 15 नवंबर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई तथा कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। 1 अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच पंजाब में औसत बारिश 11.5 मिलिमीटर बारिश होती है। इससे 12% कम 10.2% वर्षा हुई है। 15 नवंबर से पहले बारिश में कमी 100% की बनी हुई थी।

इस सप्ताह पंजाब के अधिकांश भागों में फिर से मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि तराई क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर 20-21 नवंबर तक हल्की वर्षा की संभावना से इंकार नहीं कर सकते। 20 तारीख से उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाएँ पंजाब के अधिकांश इलाकों पर आएंगी जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इस सप्ताह के अंत तक पंजाब में एक-दो स्थानों पर शीतलहर का प्रकोप भी देखा जा सकता है। सुबह के समय हल्का कोहरा या कुहासा छाए रहने की भी संभावना दिख रही है।

पंजाब के किसानों के लिए फसल सलाह

रबी फसलों और गाजर, मूली, शलजम आदि की बिजाई जारी रखें। शलजम की बिजाई के लिए बीज दर 2 कि.ग्रा. प्रति एकड़ तथा गाजर व मूली के लिए 4 कि.ग्रा. प्रति एकड़ रखें। मूली की मुख्य किस्मों जैसे पंजाब पसंद, पूसा चेतकी की कटाई 45 दिन बाद तथा पंजाब सफ़ेद मूली-2,पूसा हिमानी व जपेनीज़ व्हाइट की कटाई 45-60 दिन बाद की जा सकती है। गाजर की बिजाई हेतु पंजाब कैरेट रेड, पंजाब ब्लैक ब्यूटी तथा पी.सी-34 आदि किस्मों में से बीजों का चुनाव किया जा सकता है। बिजाई से पहले बीजो को कप्तान या थाईरम 3 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करें।

अक्तूबर में डाली गई टमाटर व बैंगन की नर्सरी की रोपाई करें और रोपाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई दें। टमाटर की फसल में अंकुर पौध का रोपण मध्य नवम्बर से मध्य दिसम्बर तक पूरा करें। अच्छी उपज हेतु सरकंडा कवर का प्रयोग कर फसल को अत्याधिक ठंड से बचाएं।

राया की बुवाई हेतु गिरिराज, आर.एल.सी-3, पी.बी.आर-357, पी.बी.आर-91 पी.बी.आर-97 आदि में से बीजों का चुनाव किया जा सकता है। सदाबहार फलों जैसे सिट्रस, लीची, बेल, आम, अमरूद, सपोटा व आँवला आदि के पौध लगाने के लिए समय उचित है।

किन्नु में इस समय फल झड़ने की समस्या हो सकती है, इसकी रोकथाम के लिए 1 ग्राम बाविस्टिन या 1 मि.ली. टिल्ट या 1 मि.ली. जाईरम प्रति 2.5 लीटर पानी में मिलाकर साफ दिनों में छिड़कें। 

कृपया ध्यान दें: स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।







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