Punjab Weather: लंबे इंतजार के बाद पंजाब में बारिश की वापसी, आने वाले दिनों में फिर बरस सकते हैं बादल

By: Arti Kumari | Edited By: Mohini Sharma
Mar 12, 2026, 4:40 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • लंबे सूखे के बाद पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज।
  • पठानकोट और अमृतसर में बारिश, कई इलाकों में बादल छाए।
  • 14–15 मार्च को नए पश्चिमी विक्षोभ से फिर बारिश की संभावना।
  • 18–20 मार्च के बीच आंधी, बिजली और तेज हवाओं का खतरा।

इस मौसम में लंबे समय से सूखे हालात के बाद अब पंजाब के कुछ हिस्सों में आखिरकार बारिश दर्ज की गई है। एक गुजरते हुए मौसम तंत्र के प्रभाव से पंजाब के मैदानी इलाकों में हल्की वर्षा हुई। पठानकोट और अमृतसर जैसे शहरों में बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहे। कई हफ्तों से जारी शुष्क मौसम के बाद यह बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आई है।

आज और इलाकों में फैल सकती है बारिश

आज दिन के दौरान बारिश की गतिविधियां कुछ और जिलों तक फैल सकती हैं। लुधियाना, रोपड़, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और अंबाला जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश या छोटी बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि इसके बाद यह मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगेगी। इसके चलते कल तक मौसम साफ होने और आसमान खुलने की उम्मीद है।

14 मार्च को नया पश्चिमी विक्षोभ करेगा असर

14 मार्च के आसपास पश्चिमी हिमालय की ओर एक और पश्चिमी विक्षोभ पहुंचने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के साथ उत्तर राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी बन सकता है। इसके प्रभाव से 14 से 15 मार्च के बीच पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बिखरी हुई बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

18–20 मार्च के बीच तेज मौसम गतिविधियों की संभावना

17 मार्च के आसपास एक औरमजबूत मौसम प्रणाली उत्तर भारत के करीब आ सकती है, जिससे मौसम गतिविधियों का दायरा बढ़ सकता है। 18 से 20 मार्च के बीच पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। इस तरह की गतिविधियां आमतौर पर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्री-मॉनसून सीजन की शुरुआत के समय देखी जाती हैं।

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Arti Kumari
Content Writer (English)
With a strong foundation in science and a constant drive for research, Arti brings depth and clarity to weather and climate storytelling at Skymet Weather. She translates complex data into compelling narratives, leading Skymet’s digital presence with research-backed, impactful content that informs and inspires audiences across India and beyond.
FAQ

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

हाँ, 14–15 मार्च को एक और मौसम प्रणाली के कारण बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

हाँ, 18–20 मार्च के बीच संभावित आंधी-बारिश उत्तर भारत में प्री-मॉनसून मौसम की शुरुआत का संकेत हो सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है