डिप्रेशन के अवशेष हुए कमजोर, दक्षिण भारत में घटेगी बारिश, मौसम सुधरने के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 12, 2026, 7:00 PM
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कमजोर हुए डिप्रेशन के अवशेष, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • 31 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से पूर्वोत्तर मानसून समाप्त
  • डिप्रेशन के कारण दक्षिण भारत में छिटपुट बारिश
  • ऊटी और कोडाइकनाल में असामान्य तेज बारिश
  • 14 जनवरी से पोंगल के साथ मौसम में सुधार की उम्मीद

पूर्वोत्तर मानसून का मौसम आधिकारिक रूप से 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है। हालांकि, सर्दियों के मानसून की तय वापसी से काफी पहले ही मौसम गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी थीं। इसके बावजूद, भूमध्यरेखीय क्षेत्र और उससे सटे दक्षिण बंगाल की खाड़ी में एक असामान्य निम्न दबाव (डिप्रेशन) बन गया। यह सिस्टम द्वीपीय देश श्रीलंका को पार करते हुए कुछ समय तक मन्नार की खाड़ी और पाल्क स्ट्रेट्स के आसपास, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय रहा। इस डिप्रेशन और इसके बचे हुए असर के कारण दक्षिणी प्रायद्वीप में कई इलाकों में व्यापक बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें देखने को मिलीं। राहत की बात यह रही कि श्रीलंका और तमिलनाडु दोनों में लंबे समय तक कोई गंभीर या खतरनाक मौसम स्थिति नहीं बनी। अब यह क्षेत्र जल्द ही इसके प्रभाव से मुक्त होकर सामान्य हालात की ओर लौटने की संभावना है।

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दक्षिण भारत में हल्की और पहाड़ी इलाकों में असामान्य तेज बौछारें

तमिलनाडु, केरल, दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तटीय कर्नाटक में छिटपुट बारिश और गरज के साथ बौछारें दर्ज की गईं। यह बारिश ज्यादातर हल्की रही, जिससे किसी भी प्रकार के खराब मौसम की स्थिति नहीं बनी। हालांकि, पहाड़ी पर्यटन स्थलों ऊटी और कोडाइकनाल में इस मौसम के विपरीत भारी बारिश हुई और बीते 24 घंटों के दौरान भी यहां बारिश जारी रही। फिलहाल, इन क्षेत्रों में मौसम के हालात धीरे-धीरे बेहतर होने की उम्मीद है।

मन्नार की खाड़ी से कमजोर हुआ सिस्टम

डिप्रेशन का शेष हिस्सा अब कमजोर होकर चक्रवाती परिसंचरण में बदल गया है, जो पहले तमिलनाडु तट के पास मन्नार की खाड़ी में स्थित था। यह सिस्टम अब भूमध्यरेखीय क्षेत्र में कन्याकुमारी (कोमोरिन) के पास पहुंच गया है। इसके साथ ही तमिलनाडु के तट के समानांतर उत्तर की ओर एक ट्रफ रेखा बनी हुई है। आज टोंडी–तूतुकुड़ी से लेकर पुडुचेरी–कुड्डालोर के बीच तटीय इलाकों में छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तिरुचि, तंजावुर, मदुरै जैसे आंतरिक जिलों और केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक व रायलसीमा से सटे सीमावर्ती इलाकों में भी हल्की बारिश पहुंचने के आसार हैं। कल से बारिश काफी हद तक कमजोर पड़ जाएगी और बहुत हल्की व छिटपुट रह जाएगी। 14 जनवरी 2026 से, पोंगल के शुभ अवसर से पहले, पूरे क्षेत्र में मौसम में व्यापक सुधार की उम्मीद है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पूर्वोत्तर मानसून आधिकारिक रूप से 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुआ।

भूमध्यरेखीय क्षेत्र में बने डिप्रेशन और उसके अवशेषों के कारण बारिश हुई।

14 जनवरी 2026 के बाद मौसम में सुधार होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है