उत्तर भारत में बदला मौसम, पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी, मैदानी इलाकों में छाए बादल

By: Skymet team | Edited By:
Mar 26, 2025, 4:00 PM
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24 मार्च की देर रात एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी भारत के पर्वतीय इलाकों में सक्रिय हुआ। इसके चलते बीते 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर के मध्य और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और बौछारें दर्ज की गईं है। अगले दो दिनों में इसका प्रभाव बढ़ेगा और 28 मार्च के बाद धीरे-धीरे यह प्रभाव कम हो जाएगा। एक हफ्ते के बाद पहाड़ों में 26 से 28 मार्च के बीच फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

चक्रवाती परिसंचरण से बढ़ेगी बारिश और बर्फबारी

इस पश्चिमी विक्षोभ को मध्य पाकिस्तान और उत्तरी राजस्थान तथा पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण का भी समर्थन मिल रहा है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पहाड़ी राज्यों में बहुत भारी बारिश और बर्फबारी होगी। हालांकि, पंजाब और हरियाणा के मैदानी व तराई क्षेत्रों में केवल बादल छाए रहेंगे और यहां सर्दी वाली बारिश नहीं होगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।

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किन राज्यों में होगा सबसे अधिक असर?

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा। इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में भी छिटपुट बारिश गरज के साथ होगी। जबकि मध्य और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। वहीं, श्रीनगर, पहलगाम और गुलमर्ग में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि सोनमर्ग जैसे ऊंचे स्थानों पर बर्फबारी होगी। हिमाचल के पर्यटन स्थल जैसे डलहौजी, धर्मशाला, मंडी और शिमला में बारिश होगी। वहीं मनाली में हल्की बर्फबारी की संभावना है। उत्तराखंड में कम मौसम गतिविधियाँ (बारिश, आँधी, बर्फबारी) होने की उम्मीद है।

तापमान में उतार-चढ़ाव और यातायात पर असर

इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट होगी। हालांकि, रात का तापमान बढ़ेगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद फिर से रात का तापमान कम होने लगेगा। वहीं, इस मौसम प्रणाली के कारण यातायात पर कोई बड़ा असर होने की संभावना नहीं है। सड़क और हवाई सेवाएं सामान्य रहेंगी,, अगर कोई रुकावट होती भी है तो वह बहुत ही कम समय के लिए होगी।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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