अंडमान सागर में बना डिप्रेशन, अगले 12 घंटे में डीप डिप्रेशन बनने की संभावना, जानें भारत पर कितना असर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 28, 2026, 3:45 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर अंडमान सागर और म्यांमार के पास डिप्रेशन बना, जिसके केंद्र के आसपास करीब 30 नॉट की हवाएं हैं।
  • डीप डिप्रेशन के अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान की शुरुआती श्रेणी तक पहुंचने की संभावना।
  • सिस्टम का मुख्य प्रभाव म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में रहने की संभावना है।
  • ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में अगले 3दिन बारिश हो सकती है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक मान्य है, सिस्टम की दिशा, गति या ताकत में बदलाव होने पर इसमें संशोधन संभव है।

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पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में आए तूफान के बाद अब उत्तर अंडमान सागर और म्यांमार के आसपास एक और डिप्रेशन (दबाव का क्षेत्र) बन गया है। यह सिस्टम म्यांमार के तट से दूर अंडमान सागर में करीब 15.7°N अक्षांश और 97.5°E देशांतर पर स्थित है। इसके केंद्र के आसपास लगभग 30 नॉट (करीब 56 किमी/घंटा) की हवाएं चल रही हैं और इसके अधिक मजबूत होने की संभावना है। फिलहाल समुद्र और वातावरण की परिस्थितियां इसके अनुकूल हैं। समुद्र की सतह का तापमान करीब 28-29°C है और ऊंचाई पर चलने वाली हवाओं का दबाव भी कम है।

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हालांकि, पिछले सप्ताह के तूफान के समय समुद्र का तापमान 30°C से अधिक था, इसलिए इस बार सिस्टम के पास उतनी गर्म समुद्री ऊर्जा नहीं है। सामान्य तौर पर समुद्र का तापमान जितना अधिक होता है, सिस्टम को उतनी ज्यादा ऊर्जा मिलती है। तापमान में हर 2°C की बढ़ोतरी से समुद्र की गर्मी से मिलने वाली ऊर्जा लगभग दोगुनी हो सकती है। इसके अलावा म्यांमार के तट के काफी करीब होना इसके तेजी से मजबूत होने में सबसे बड़ी रुकावट है। जमीन से घर्षण और सूखी हवा के सिस्टम में शामिल होने से इसकी ताकत कमजोर हो सकती है। फिर भी, अगले 24 घंटे इस सिस्टम के लिए बेहद अहम हैं और इस दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना बनी हुई है।

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डिप्रेशन बनेगा डीप डिप्रेशन, तूफान बनने की भी संभावना

यह सिस्टम अगले 24 घंटों तक म्यांमार के तट के समानांतर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर की ओर बढ़ सकता है। अगले करीब 12 घंटों में यह डिप्रेशन से डीप डिप्रेशन बन सकता है। इसके बाद अगले 24 घंटों में इसमें अधिक मजबूती आने पर यह चक्रवाती तूफान की शुरुआती श्रेणी तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव मुख्य रूप से म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों तथा समुद्री हिस्से तक सीमित रहने की संभावना है। भारत में इसका सीधा असर बहुत कम रहने की उम्मीद है। इस सिस्टम के बाहरी हिस्सों के कारण अगले तीन दिनों के दौरान ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है। यानी सिस्टम मजबूत भी होता है तो इसका मुख्य मौसम प्रभाव म्यांमार-बांग्लादेश के आसपास ही रहने की संभावना है।

भारतीय तट पर असर की संभावना कम, पूर्वोत्तर में बढ़ सकता है मानसून

इस समय बंगाल की खाड़ी में इस तरह के सिस्टम का बनना मौसम की सामान्य स्थिति के हिसाब से असामान्य नहीं है। हालांकि, इस डिप्रेशन के चक्रवाती तूफान बनने और भारतीय तट को प्रभावित करने की संभावना बहुत कम है। इसका संभावित असर यह हो सकता है कि पूर्वोत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां कुछ और समय तक बनी रहें। सिस्टम के प्रभाव से पूर्वोत्तर भारत में अक्टूबर के पहले सप्ताह तक छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। वहीं, देश के बाकी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून अक्टूबर के पहले सप्ताह में तेजी से विदा होने की संभावना है। इसलिए इस सिस्टम से भारत के तटीय इलाकों में किसी बड़े तूफान का खतरा फिलहाल नहीं दिख रहा है, लेकिन पूर्वोत्तर में बारिश का मौसम कुछ दिन और लंबा खिंच सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नया डिप्रेशन उत्तर अंडमान सागर और म्यांमार के आसपास बना है। यह म्यांमार के तट से दूर समुद्र में स्थित है।

इसके चक्रवाती तूफान बनने की कुछ संभावना है, लेकिन इसके भारतीय तट को सीधे प्रभावित करने की संभावना फिलहाल बहुत कम है।

नए डिप्रेशन के बाहरी प्रभाव से अगले तीन दिनों में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में भी अक्टूबर के पहले सप्ताह तक छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है