उत्तराखंड-हिमाचल में समय से पहले बर्फबारी, दिल्ली-पंजाब-हरियाणा में बढ़ी ठंडक, जानें पूरा मौसम पूर्वानुमान
मुख्य मौसम बिंदु
- जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में आज भी मौसम की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
- हिमाचल के किन्नौर और लाहौल-स्पीति समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई।
- उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं में भी पहली बर्फबारी हुई, हेमकुंड साहिब में करीब आधा फीट बर्फ।
- पहाड़ों से चली ठंडी हवाओं के कारण दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में तापमान में गिरावट।
- पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक मान्य है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ या किसी नए मौसम सिस्टम के विकसित होने पर परिस्थितियों में बदलाव संभव है।
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पश्चिमी विक्षोभ ने वीकेंड के दौरान उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों को पार किया है। हालांकि, इस सिस्टम का बचा हुआ असर अभी भी बना हुआ है और इसके पीछे एक और ऊपरी हवा की ट्रफ सक्रिय है। इसके चलते आज जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मौसम की गतिविधियां जारी रहेंगी। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों, खासकर पहाड़ों की तलहटी वाले क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, उत्तराखंड के तलहटी, मध्य और ऊंचाई वाले इलाकों में भी अगले 24 घंटों के दौरान बादल और छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। कल, 29 सितंबर के आखिर तक मौसम में सुधार शुरू हो जाएगा और सप्ताह के बाकी दिनों में पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम साफ और अच्छा रहने की संभावना है।
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हिमाचल और उत्तराखंड में सीजन की पहली बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मध्य और ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी 26 सितंबर को हुई थी। हिमाचल के किन्नौर क्षेत्र में 8,000 से 20,000 फीट की ऊंचाई वाले इलाकों में पहली बर्फ पड़ी। वहीं, तिब्बत सीमा के पास आखिरी गांवों में से एक कूनो-चिरांग भी बर्फ की सफेद चादर से ढक गया। लाहौल-स्पीति घाटी में 12,000 से 14,000 फीट की ऊंचाई पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई। डुमती जाने वाले मार्ग पर चितकुल में करीब 3 इंच बर्फ दर्ज की गई, जो इस समय के लिहाज से काफी जल्दी है। उत्तराखंड में भी गढ़वाल और कुमाऊं के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। गौरतलब है, हेमकुंड साहिब में भी करीब आधा फीट बर्फ गिरी है। केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ-सतोपंथ ट्रेकिंग रूट के बड़े हिस्से में भी समय से पहले बर्फबारी हुई। साथ ही चमोली जिले के ऊंचे इलाकों में भी पहली बर्फबारी दर्ज हुई। खराब मौसम और सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और रास्ते में भूस्खलन वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
पहाड़ों से चली ठंडी हवाओं से मैदानी इलाकों में बढ़ी ठंडक
पहाड़ों से नीचे की ओर चलने वाली ठंडी हवाओं ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के मैदानी इलाकों में भी मौसम में हल्की ठंडक बढ़ा दी है। दिल्ली में सितंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 21°C तक पहुंच गया, जो करीब 18 साल बाद इतना कम रहा है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों की तलहटी और मैदानी हिस्सों में भी इसी तरह का तापमान दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के कल, 29 सितंबर तक पहाड़ों से आगे निकल जाने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होगा, लेकिन पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण हल्की ठंडक अगले दो दिनों तक बनी रह सकती है। वीकेंड के आसपास यह ठंडक धीरे-धीरे कम हो जाएगी। सप्ताह के बाकी दिनों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है।
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