अगस्त बनेगा दिल्ली के मॉनसून का सबसे बरसाती महीना, जानें मौसम का पूरा हाल

By: skymet team | Edited By: skymet team
Aug 28, 2025, 1:46 PM
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दिल्ली मौसम अपडेट, फोटो: PTI

दिल्ली में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 29 जून को पहुंचा था। जबकि इसके राजधानी में पहुंचने की सामान्य तिथि 27 जून है। बता दें, दिल्ली भी हरियाणा और राजस्थान के शेष हिस्से मानसून के अंतिम चरण में कवर हुए थे। इस बार दिल्ली में मानसून सीजन काफी शानदार रहा है। जून, जुलाई और अगस्त तीनों महीनों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। जिसमें जून महीने में +45%, जुलाई में +24% और अगस्त में अब तक +45% बारिश हो चुकी है। यहाँ “+” का अर्थ है सामान्य से अधिक वर्षा, यानी हर महीने दिल्ली में बारिश का प्रदर्शन बेहतर रहा और तीनों महीनों ने औसत को पार किया।

गौरतलब है, मानसून सीजन के दौरान जून सबसे कम बारिश वाला और अगस्त सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना माना जाता है। अगस्त में औसतन 226.8 मिमी बारिश होती है, जबकि दिल्ली के सफदरजंग बेस स्टेशन में अब तक 328.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। यह पिछले 15 सालों में दिल्ली के लिए दूसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला अगस्त है। पिछले साल 2024 में अगस्त महीने में 390.3 मिमी बारिश का रिकॉर्ड बना था।

अब तक का कुल आंकड़ा

1 जून से 27 अगस्त 2025 तक सफदरजंग स्थिति मौसम ऑब्जर्वेटरी में 579.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 420.6 मिमी है, यानी 38% अतिरिक्त बारिश हुई है। केवल दक्षिणी दिल्ली को छोड़कर बाकी सभी 9 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। बता दें, अगस्त में 45% अतिरिक्त बारिश दर्ज होना बेहद खास है। अब बाकी बचे दिनों में भी बारिश की संभावना है, जिससे अगस्त इस सीजन का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना बनेगा।

मानसून ट्रफ का असर

इस बारिश के पीछे मानसून ट्रफ मुख्य कारण रही है। फिलहाल यह दिल्ली से थोड़ा दक्षिण में बीकानेर, गुना, जबलपुर होते हुए आगे पूर्व की ओर फैली हुई है। यह ट्रफ दक्षिण पंजाब पर बने चक्रवातीय क्षेत्र और ओडिशा-छत्तीसगढ़ पर बने निम्न दबाव से जुड़ी है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जो इस ट्रफ को उत्तर की ओर खींचकर दिल्ली के नजदीक बनाए हुए है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

आज और कल (28-29 अगस्त) दिल्ली और आसपास में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, खासकर दोपहर बाद। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बारिश की तीव्रता और दायरा बढ़ेगा। यानी अगस्त का अंत बारिश के साथ होगा और सितंबर की शुरुआत भी भीगते हुए होगी। इससे दिल्लीवासियों को मौसम में राहत और सुहावना अहसास मिलेगा।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है