फिर तरसेगा बेंगलुरु! मानसून सुस्त, बारिश की कमी बढ़ने के आसार

By: Skymet team | Edited By:
Jul 3, 2025, 5:00 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

टेक सिटी बेंगलुरु में इस साल अब तक दक्षिण-पश्चिम मानसून बेहद कमजोर रहा है। मानसून की शुरुआत सामान्य से पहले मई 2025 में ही हो गई थी, लेकिन शुरुआत से ही बारिश कमजोर और बिखरी हुई रही। मई के अंतिम सप्ताह में सिर्फ हल्की और छिटपुट बारिश दर्ज की गई।

Advertisement

10 दिनों में सिर्फ 2 मिमी बारिश, शुष्कता बनी रहेगी

अब तक जुलाई के पहले 10 दिनों में राजधानी बेंगलुरु में सिर्फ 2 मिमी बारिश हुई है। और आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क ही बना रहने की संभावना है। मध्य जुलाई तक भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है।

जून और जुलाई का सामान्य आंकड़ा, लेकिन इस बार निराशा

बेंगलुरु में सामान्य रूप से जून में 106.5 मिमी और जुलाई में 112.9 मिमी बारिश होती है। लेकिन इस बार जून 2025 में सिर्फ 23.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो कि 2012 के बाद की सबसे कम जून बारिश में से एक है (तब 7.2 मिमी हुई थी)। पिछले साल शहर में 204.1 मिमी बारिश हुई थी, जो सामान्य से लगभग दोगुनी थी।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 50% से अधिक वर्षा की कमी

इस वर्ष 1 जून से 3 जुलाई 2025 के बीच बेंगलुरु शहरी और ग्रामीण दोनों हिस्सों में 50% से अधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। और अगले दो हफ्तों तक बारिश न के बराबर रहने की संभावना है, जिससे यह वर्षा घाटा और गहरा हो सकता है।

बारिश बढ़ाने वाले सिस्टम नहीं, अरब सागर भी शांत

फिलहाल कोई नया मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है जो बारिश की गतिविधि को बढ़ा सके। आकाश आमतौर पर बादलों से ढका रहेगा, लेकिन बारिश बहुत कम या न के बराबर होगी। लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित शहर की भौगोलिक स्थिति के कारण कभी-कभी बहुत हल्की और अल्पकालिक बारिश हो सकती है।

Advertisement

अरब सागर शांत, कैचमेंट क्षेत्रों में भी बारिश नहीं

अरब सागर में कोई सक्रियता नहीं है और केरल व कर्नाटक के तटों पर मानसूनी धारा कमजोर बनी हुई है। यहां तक कि जल स्रोत वाले कैचमेंट एरिया में भी बारिश नहीं हो रही है। अगर यह सूखा दौर लंबे समय तक चला, तो आने वाले समय में पानी की किल्लत बेंगलुरु जैसे महानगर के लिए संकट बन सकती है।

author image
Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

Advertisement