अनंतनाग से श्रीनगर तक बाढ़ का खतरा, झेलम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, स्कूलों की छुट्टी
कश्मीर में झेलम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ का अलर्ट जारी
लगातार भारी बारिश के कारण कश्मीर घाटी में झेलम नदी का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है और एहतियातन संवेदनशील जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। अनंतनाग जिले में झेलम नदी ने संगम पर 25 फीट की सीमा पार कर ली, जबकि पंपोर में भी पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इससे आसपास के निचले इलाकों में जलभराव और डूबने का खतरा बढ़ गया है।
लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
राजधानी श्रीनगर के राम मुन्शीबाग पर झेलम का जलस्तर 18 फीट के अलर्ट स्तर के करीब पहुंच गया है। इस कारण प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पिछले दो दिनों की लगातार बारिश ने सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, दर्जनों लोग फंसे हुए हैं और कई प्रमुख राजमार्ग बंद करने पड़े हैं। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिलों में जलभराव और नदियों-नालों के उफान से हालात और बिगड़े हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन और हेल्पलाइन सक्रिय
आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय पुलिस लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तुरंत सहायता मांग सकें। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नालों के पास न जाएं क्योंकि बारिश जारी रहने पर जलस्तर और बढ़ सकता है। पूरे कश्मीर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। यदि बारिश और तेज हुई तो घाटी के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा और गहरा सकता है।







