झारखंड के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र, पूर्वी भारत में तेज बारिश, मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 2, 2026, 2:00 PM
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मौसम अपडेट, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • निम्न दबाव सिस्टम आगे बढ़कर पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर जाएगा।
  • झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, यूपी-एमपी में कई स्थानों पर भारी बारिश संभव है।
  • मध्य प्रदेश में 3-5 सितंबर के बीच जोरदार मानसूनी गतिविधि रहेगी।
  • पन्ना, सागर, खजुराहो, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, बैतूल, हरदा और छिंदवाड़ा में बहुत भारी बारिश।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम विश्लेषण 10 सितंबर 2026 तक मान्य है।

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ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ गया है। अब यह उत्तर झारखंड और उससे सटे बिहार, उत्तर प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के हिस्सों पर स्थित है। यह सिस्टम आगे भी पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और अगले 24 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश तथा उससे सटे उत्तर प्रदेश के ऊपर पहुंचकर कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके प्रभाव से पूर्वी राज्यों और देश के मध्यवर्ती हिस्सों में सक्रिय से जोरदार मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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सैटेलाइट इमेज, Himawari

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इन राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना

आज झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश के साथ काफी व्यापक बारिश होने की संभावना है। जैसे-जैसे मौसम प्रणाली पश्चिम की ओर बढ़ेगी, इसके आगे वाले हिस्से में बनने वाला कन्वर्जेंस जोन और मजबूत होगा। इस पर पूर्व की ओर बढ़ने वाली पश्चिमी ट्रफ का भी प्रभाव रहेगा। इन सभी क्षेत्रों में बारिश के अलावा मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच जोरदार मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। राज्य के मध्य हिस्सों में बारिश की सबसे अधिक तीव्रता 3 और 4 सितंबर को रहने की संभावना है। वहीं, मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में 4 से 6 सितंबर के बीच मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 7 सितंबर से बारिश धीरे-धीरे कम होने लगेगी, लेकिन मौसम में व्यापक सुधार और बारिश से पूरी तरह राहत 10 सितंबर और उसके बाद मिलने की संभावना है।

मध्य प्रदेश के लिए अलर्ट, कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा

पूर्वी हिस्सों में जहां बारिश मध्यम से तेज रहने की संभावना है, वहीं मध्य प्रदेश के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। राज्य के कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर बाढ़ और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं वाली तूफानी गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बारिश बहुत भारी भी हो सकती है। जोखिम वाले क्षेत्रों में पन्ना, सागर, खजुराहो, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), रायसेन, बैतूल, हरदा और छिंदवाड़ा शामिल हैं।

सोयाबीन बेल्ट में 4-6 सितंबर तक बारिश, 10 सितंबर के बाद मौसम साफ

मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित प्रमुख सोयाबीन उत्पादक क्षेत्र में भी बारिश का असर रहेगा। खरगोन, खंडवा, धार, नीमच, रतलाम, इंदौर और उज्जैन सहित इस क्षेत्र में 4 से 6 सितंबर के बीच काफी व्यापक मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी होने की संभावना है। ये बारिश इस क्षेत्र के लिए मानसून की आखिरी बारिश साबित हो सकती है। इसके बाद राज्य में 10 सितंबर 2026 के बाद लंबे समय तक मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच जोरदार मानसूनी गतिविधि रहने की संभावना है। राज्य के मध्य हिस्सों में 3 और 4 सितंबर को बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रह सकती है।

पन्ना, सागर, खजुराहो, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, बैतूल, हरदा और छिंदवाड़ा में स्थानीय बाढ़ और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

7 सितंबर से बारिश में कमी आनी शुरू हो सकती है। 10 सितंबर और उसके बाद राज्य में लंबे समय तक मौसम साफ रहने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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