Pre-Monsoon 2026: दक्षिण भारत में प्री-मानसून एक्टिव, केरल और तमिलनाडु में तेज बारिश और गरज-चमक का अलर्ट
मुख्य मौसम बिंदु
- तमिलनाडु और केरल में व्यापक प्री-मानसून बारिश जारी।
- कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना।
- 11 मई को चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत।
- 12-13 मई तक लो प्रेशर एरिया विकसित हो सकता है।
दक्षिण भारत के सबसे निचले हिस्सों में पिछले दो दिनों से भारी प्री-मानसून गतिविधियाँ देखने को मिल रही हैं। तमिलनाडु, केरल और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है। यह गतिविधियाँ आज और पूरे वीकेंड के दौरान भी बनी रहेंगी। लगातार बारिश और बादलों की वजह से पूरे क्षेत्र में दिन का तापमान 35°C या उससे कम बना हुआ है। तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों और केरल से सटे इलाकों में भी गर्मी सामान्य से कम महसूस की जा रही है। मदुरै, तंजावुर, पुनालूर, कोच्चि और पलक्कड़ सहित कई शहरों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं, दोनों तटीय इलाकों पर भी अच्छी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ देखने को मिलीं।
भूमध्यरेखीय ट्रफ से बढ़ा मौसम का असर
इस समय हिंद महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र से लेकर दक्षिण-मध्य अरब सागर और पूर्व में मलक्का जलडमरूमध्य तक एक लंबी पूर्व-पश्चिम ट्रफ बनी हुई है। मौसम विज्ञान में इसे ‘इक्वेटोरियल ट्रफ’ कहा जाता है। इस ट्रफ के भीतर दक्षिण श्रीलंका, कोमोरिन क्षेत्र और मालदीव के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। अगले दो दिनों में यह सिस्टम थोड़ा उत्तर दिशा की ओर खिसक सकता है। इसके अलावा एक उत्तर-दक्षिण दिशा वाली मौसमी ट्रफ भी बनी हुई है, जो रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल से होकर गुजर रही है। यही सिस्टम दक्षिण भारत में लगातार मौसम की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।
तमिलनाडु-केरल में तेज बारिश के आसार
इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ जारी रहेंगी। कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 11 मई 2026 को इसी क्षेत्र के आसपास एक संगठित चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके बाद 12 से 13 मई के बीच यह सिस्टम लो-प्रेशर एरिया में बदल सकता है। अगले सप्ताह तमिलनाडु और केरल में प्री-मानसून गतिविधियाँ और ज्यादा तेज होने की संभावना है।





