बंगाल की खाड़ी में बना मानसूनी सिस्टम, कई राज्यों में होगी झमाझम बारिश

By: Skymet team | Edited By:
Jun 10, 2025, 2:30 PM
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जैसा कि पूर्वानुमान था, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के पास चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बन चुका है। इससे जुड़े बादलों का एक बड़ा समूह तट के दोनों ओर के क्षेत्रों को ढक रहा है। चूंकि यह सिस्टम जमीन के काफ़ी नज़दीक है, इसलिए इसके चक्रवात में बदलने की संभावना कम है और यह चक्रवाती परिसंचरण के रूप में ही अंदरुनी हिस्सों की ओर बढ़ेगा।

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तटीय आंध्र और दक्षिण ओडिशा में आज हल्की से मध्यम बारिश

इस सिस्टम के बाहरी हिस्सों का असर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण तटीय ओडिशा में आज हल्की से मध्यम बारिश के रूप में देखा जाएगा। जैसे-जैसे यह परिसंचरण तट के और करीब आएगा, कल यानी 12 जून को बारिश की तीव्रता और क्षेत्र दोनों बढ़ेंगे। उत्तर तमिलनाडु, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भारी बारिश की संभावना है।

12 जून को सिस्टम पहुंचेगा जमीन पर, बढ़ेगा बारिश का दायरा

12 जून को यह सिस्टम पूरी तरह ज़मीन पर आ जाएगा। इससे बारिश का दायरा और भी विस्तृत हो जाएगा और दक्षिण तटीय आंध्र, रायलसीमा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तटीय कर्नाटक को भी कवर करेगा। इसका प्रभाव महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तक पहुंचेगा, लेकिन यह दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण कोंकण तक ही सीमित रहेगा।

13-16 जून: तटीय क्षेत्रों में मूसलधार बारिश की चेतावनी

इसके बाद दक्षिण भारत के आंतरिक क्षेत्रों से भारी बारिश कम हो जाएगी और तटीय हिस्सों में इसका प्रभाव दिखेगा। 13 से 16 जून के बीच केरल, तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, हालांकि यह बारिश धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से होगी।

मुंबई में जून की पहली जोरदार बारिश संभव

मुंबई में भी इसी अवधि के दौरान जून की पहली जोरदार बारिश दर्ज हो सकती है। जैसे-जैसे यह सिस्टम कमजोर होगा, एक नया मानसूनी परिसंचरण 14 जून को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में विकसित होने की संभावना है।

14 जून से नया सिस्टम पूर्वी भारत में असर

यह नया सिस्टम एक बार फिर से पूर्वी तट से शुरू होकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को प्रभावित करेगा। इस दौरान लगातार होती बारिश की यह लहर मानसूनी धाराओं को उत्तरी मैदानों के और करीब लाने में मदद करेगी।

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Skymet team

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