दिल्ली-NCR में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल-कॉलेज बंद, वर्क-फ्रॉम-होम की सलाह, इस दिन से मौसम में होगा सुधार

By: Skymet team | Edited By:
Sep 2, 2025, 1:41 PM
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दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, फोटो: AI

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बीते दिन शाम और रात को मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ हुईं। जिसमें दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और दोनों जगहों के बीच यात्रा समय 6 घंटे से अधिक हो गया। भारी बारिश से जगह-जगह जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति रही। आज 2 सितंबर को स्कूल-कॉलेज बंद रखने की एडवाइजरी जारी की गई है और कॉरपोरेट सेक्टर में वर्क-फ्रॉम-होम की सलाह दी गई है।

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मौसम तंत्र की स्थिति

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आज भी मौसम तंत्र में बड़ा बदलाव नहीं है। हरियाणा और राजस्थान पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है। मानसून ट्रफ दिल्ली के नज़दीक आकर बीकानेर, चूरू, गुना और आगे पूर्व की ओर गुजर रही है। पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों से होते हुए उत्तरी मैदानी इलाकों के मानसून सिस्टम से टकरा रहा है। इस बीच बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में एक नया लो-प्रेशर क्षेत्र बना है, जो जल्द ही ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात की ओर बढ़ेगा।

बारिश का आंकड़ा

पिछले 24 घंटों में सफदरजंग वेधशाला में 38 मिमी और पालम में 57 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, आयानगर में 95 मिमी और नजफगढ़ में 76 मिमी भारी बारिश हुई। दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी शाम-रात भर रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश होती रही।

आगे दिनों में मौसम

आज भी मानसून ट्रफ राजधानी के पास बनी रहेगी, जिससे मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की एक-दो बौछारें हो सकती हैं। हालांकि, जैसे ही बंगाल की खाड़ी का लो-प्रेशर क्षेत्र भूमि पर आकर पश्चिम की ओर बढ़ेगा, ट्रफ दक्षिण की ओर खिसक जाएगी और 4 सितंबर के बाद दिल्ली-एनसीआर में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। आने वाले सप्ताहांत और अगले हफ्ते की शुरुआत में केवल हल्की बारिश होगी और उसके बाद दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है