सुपर टाइफून ‘रागासा’ हांगकांग की ओर, चल रही 230 किमी/घंटा की तेज हवाएँ, चीनी तट पर गंभीर खतरा
सुपर टाइफून ‘रागासा’ फिलहाल दक्षिण चीन सागर में 20°N अक्षांश और 118°E देशांतर पर स्थित है। यह तूफान पश्चिम–उत्तर पश्चिम दिशा में लगभग 18 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। विशेषज्ञ इसे इस साल का अब तक का सबसे शक्तिशाली तूफान बता रहे हैं। इसमें अधिकतम हवाओं की गति 185 किमी/घंटा है और झोंके 230 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।
नुकसान और तूफान की आंख व संरचना
इस तूफान ने पहले ताइवान और फिलिपींस के बीच मार्ग तय किया। ताइवान सुरक्षित दूरी पर रहा, लेकिन फिलिपींस के उत्तरी हिस्सों में तेज हवाओं और भारी बारिश से तीन लोगों की मौत हुई। तूफान की आंख इसका मुख्य हिस्सा है, जो इसकी शक्ति को दर्शाता है। वर्तमान में यह 25 समुद्री मील से घटकर 19 समुद्री मील हो गई है। तूफान ऐसे क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है जहाँ हवा का दबाव थोड़ा अधिक है, लेकिन समुद्र की सतह का तापमान स्थिर और उच्च होने के कारण तूफान अपनी शक्ति बनाए रख रहा है।
सूपर तूफान रगासा
भविष्य की दिशा और असर
‘रागासा’ धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ेगा और हांगकांग के पास से समुद्र के ऊपर से गुजरेगा। हांगकांग में 190 किमी/घंटा से अधिक की तेज हवाएँ चल सकती हैं। थोड़ी और दिशा बदलने के बाद यह लुइचो प्रायद्वीप के पास चीन के तट पर लगभग 200 किमी/घंटा की गति से भयंकर रूप से टकरा सकता है। स्थानीय समयानुसार इसका लैंडफॉल कल 24 सितंबर की सुबह होने की संभावना है।
लैंडफॉल के बाद कमजोर होना
जैसे ही तूफान भूमि पर पहुंचेगा, यह धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन अभी भी तूफानी स्वरूप में रहेगा क्योंकि महासागर से नमी मिलती रहेगी। यह उत्तर वियतनाम में गहराई तक पहुंचने के बाद और कमजोर होकर डिप्रेशन/लो प्रेशर में बदल जाएगा।
तैयारियां-बचाव और बंगाल की खाड़ी पर असर
हांगकांग में स्कूल और कार्यालय बंद कर दिए गए हैं। शेन्ज़ेन में हजारों लोगों को सुरक्षित आश्रयों में स्थानांतरित किया गया है।ऐसे तूफानों के अवशेष पश्चिम की ओर बढ़ते हैं और थाईलैंड व म्यांमार के रास्ते बंगाल की खाड़ी में पहुँचते हैं। यहाँ वे फिर से मानसून डिप्रेशन का रूप ले सकते हैं। इस तूफान के अवशेष 25/26 सितंबर को उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया के बनने में मदद करेंगे।
पश्चिमी प्रशांत में दूसरा तूफान ‘NEOGURI’
पश्चिमी प्रशांत में एक और तूफान ‘NEOGURI’ है, जो जापान के पास समुद्र में है। यह अगले 3-4 दिनों तक समुद्र में ही रहेगा और जापान या चीन के भूभाग की ओर नहीं बढ़ेगा। इसके महासागर में ही कमजोर होकर समाप्त होने की संभावना है।
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