दक्षिण भारत में मूसलधार बारिश का कहर, केरल-कर्नाटक में रेड अलर्ट, जानें किन राज्यों में ज्यादा खतरा?
मानसून ट्रफ के अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके बाद से देश के पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत में मानसून कमजोर पड़ने की स्थितियाँ बन रही हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से 'ब्रेक इन मॉनसून' जैसी स्थिति नहीं है, जिसमें मानसून ट्रफ पूर्व-पश्चिम दिशा में तराई क्षेत्रों तक पहुँच जाती है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियाँ उसके काफी करीब हैं। आमतौर पर 'ब्रेक इन मॉनसून' की स्थिति में बंगाल की खाड़ी के ऊपर, उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र तट के पास एक निम्न दबाव का क्षेत्र या चक्रवाती परिसंचरण बनता है। इसे 'कोटेश्वरम लो' (Koteswaram low) भी कहा जाता है, जो प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक कोटेश्वरम के शोध कार्य पर आधारित नाम है।
वर्तमान स्थिति: दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय
फिलहाल, इस ‘ब्रेक’ जैसी स्थिति का प्रभाव दिख रहा है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर तमिलनाडु तट के पास एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। अगले 24 से 36 घंटों में इसी क्षेत्र में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। साथ ही, निचले वायुमंडलीय स्तरों में एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ उत्तर आंतरिक कर्नाटक से केरल के दक्षिणी सिरे तक फैली हुई है, जो रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से होकर गुजरती है। इसके प्रभाव से प्रायद्वीपीय भारत के आंतरिक हिस्सों में एक कन्वर्जेन्स (convergence) जोन बना है।
यह भी पढ़ें: अगले 10 दिन महाराष्ट्र रहेगा सूखा-सूखा, मराठवाड़ा में बढ़ेगी बारिश की कमी, सूखे के खतरे के साथ खेती पर संकट
दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश की संभावना
इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भीषण बारिश देखने को मिलेगी। कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश संभव है। खासतौर पर आज (4 अगस्त) रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण केरल में भारी बारिश की संभावना है। अनंतपुर, कुरनूल, चित्तूर, बेंगलुरु, मैसूर, मांड्या, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में भी बारिश हो सकती है। वहीं, तमिलनाडु-केरल की सीमा वाले इलाकों में भी मध्यम बारिश संभव है।
यह भी पढ़ें: राजधानी में मानसून मेहरबान, पूरे सप्ताह दिल्ली-NCR में जमकर बरसेंगे बादल, जानें कैसा रहेगा कल का मौसम
5 और 6 अगस्त को बारिश की तीव्रता और दायरा बढ़ेगा
5 व 6 अगस्त को बारिश की तीव्रता और विस्तार में वृद्धि होगी। केरल में बहुत भारी बारिश की संभावना है और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। यह मौसम गतिविधियाँ धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसकेंगी और 7-8 अगस्त को दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तक फैल सकती हैं।
9 अगस्त के बाद राहत की उम्मीद
पूरे दक्षिण भारत में 9 अगस्त से मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने की संभावना है। इस दिन के बाद बारिश की गतिविधियाँ कम हो जाएंगी और मौसम साफ रहने लगेगा। यह खराब मौसम से राहत की शुरुआत मानी जा सकती है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जहाँ बीते दिनों में भारी वर्षा से जलभराव जैसी स्थिति बनी थी।






