पहाड़ों पर फिर जमी बर्फ की चादर, जम्मू-कश्मीर से हिमाचल तक बर्फबारी, इस दिन तक हिमपात के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Feb 3, 2026, 3:45 PM
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मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • 2–3 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल में ताज़ा बर्फबारी
  • जनवरी के अंत में भारी हिमपात से बारिश-बर्फ की कमी पूरी
  • 8 से 10 फरवरी के बीच एक और महत्वपूर्ण बर्फबारी की संभावना
  • फरवरी में पश्चिमी विक्षोभों से उड़ानों में टर्बुलेंस का खतरा

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के मध्य और ऊंचाई वाले इलाकों में 2 और 3 फरवरी 2026 को ताज़ा बर्फबारी हुई थी। मौसम गतिविधियों का दायरा काफी बड़ा रहा, हालांकि बर्फबारी की तीव्रता हल्की से मध्यम रही। आज भी बर्फबारी जारी रहने की संभावना है, जबकि सप्ताह के मध्य (मिड-वीक) के आसपास मौसम में थोड़े समय के लिए सुधार हो सकता है। इसके बाद 6 फरवरी को एक बार फिर हल्की बारिश और बर्फबारी कम समय के लिए होने की संभावना है। वहीं, 8 से 10 फरवरी 2026 के बीच फिर से बर्फबारी होने के आसार हैं।

पूरी हुई बारिश और बर्फ की भरपाई

पूरी पर्वतीय श्रृंखला जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह तक लगभग सूखी बनी हुई थी। इस दौरान बारिश और बर्फबारी की कमी 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच गई थी। हालांकि, जनवरी के अंतिम सप्ताह में आए एक अच्छे बारिश और बर्फबारी के दौर ने इस कमी की भरपाई कर दी और घाटा पूरी तरह खत्म हो गया। इसके बाद से बर्फबारी जारी है, लेकिन यह ज्यादातर मध्य और ऊंचाई वाले इलाकों तक ही सीमित रही है। जनवरी के अंत में हुई काफी भारी बर्फबारी से आने वाली गर्मियों में नदियों, नालों, झरनों और झीलों को पर्याप्त जल मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा 31 जनवरी को 40 दिनों की चिल्लई कलां अवधि समाप्त होने के बाद कश्मीर घाटी में मौसम की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

मनाली और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे मनाली, कुल्लू, चंबा और लाहौल-स्पीति में भी ताज़ा बर्फबारी दर्ज की गई है। मनाली जिले के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है, जिसमें बीते 24 घंटों के दौरान गतिविधि अधिक तीव्र रही। आज भी बर्फबारी जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में कुछ समय के लिए विराम आ सकता है। हालांकि, इस सप्ताह के अंत में एक बार फिर बर्फीले मौसम की वापसी के संकेत हैं, जो अगले सप्ताह की शुरुआत तक जारी रह सकता है।

फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा सक्रिय, उड़ानों के लिए बढ़ा जोखिम

सामान्य मौसम पैटर्न के अनुसार फरवरी महीने में पश्चिमी विक्षोभों की आवृत्ति बढ़ जाती है, हालांकि उनकी अवधि अपेक्षाकृत कम हो जाती है। इस दौरान वेस्टरली जेट स्ट्रीम, जो तेज़ हवाओं का मुख्य केंद्र होती है, दक्षिण की ओर खिसककर लगभग 25° उत्तरी अक्षांश पर अपनी सबसे दक्षिणी स्थिति में पहुंच जाती है और 23° से 28° उत्तरी अक्षांश के बीच दोलन करती रहती है। इसके कारण 25,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले विमानों को काफ़ी मात्रा में टर्बुलेंस का सामना करना पड़ता है। यह मौसमजनित खतरा फरवरी महीने में विशेष रूप से दिल्ली और मुंबई के बीच उड़ानों के दौरान अधिक परेशानी पैदा करता है। ऐसे में अगले 3 से 4 सप्ताह तक यात्रियों और पायलटों दोनों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के मध्य व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की जा रही है।

8 से 10 फरवरी के बीच एक और अच्छी बर्फबारी का दौर आने की संभावना है।

हां, फरवरी में जेट स्ट्रीम के कारण ऊंचाई पर टर्बुलेंस बढ़ सकता है, जिससे उड़ानों में सावधानी जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है