दिल्ली में ठिठुरन बढ़ी, न्यूनतम तापमान और नीचे जाएगा, बारिश के आसार नहीं
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में पिछले 5 दिनों से रात का तापमान लगातार गिर रहा है।
- सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 6.6°C रिकॉर्ड किया गया।
- आने वाले दिनों में पारा 5–6°C तक गिर सकता है।
- अगले एक सप्ताह तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना नहीं है।
पिछले पाँच दिनों से दिल्ली में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बेस स्टेशन सफदरजंग पर 1 जनवरी को न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो आज सुबह घटकर 6.6 डिग्री सेल्सियस रह गया है। आने वाले दिनों में पारा और गिर सकता है और इस सप्ताह तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना है। हालांकि, आज मौसम में सुधार की उम्मीद है। धूप निकल सकती है और वर्टिकल विज़िबिलिटी बेहतर होगी, जिससे हवाई परिचालन सुचारू रूप से चल सकेगा।
जनवरी: दिल्ली का सबसे ठंडा महीना
जनवरी को दिल्ली का सबसे ठंडा महीना माना जाता है और इसी दौरान पूरे मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज होता है। आमतौर पर इस महीने में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। यह कभी भी हो सकता है, लेकिन पहले पखवाड़े में इसकी संभावना ज्यादा रहती है। पिछले 16 वर्षों में सबसे कम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1 जनवरी 2021 को दर्ज किया गया था। वहीं, इस अवधि के दौरान सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 6 जनवरी 2010 को रिकॉर्ड किया गया था।
दिल्ली (सफदरजंग) में जनवरी का सबसे कम न्यूनतम तापमान (°C): 2010-2025
वर्ष 2010 से 2025 के बीच जनवरी महीने में दर्ज न्यूनतम तापमान के आंकड़े बताते हैं कि हर साल कड़ाके की ठंड पड़ती है।
2010 में 5.6°C, 2011 में 3.7°C, 2012 में 4.4°C, 2013 में 1.9°C, 2014 में 4.4°C, 2015 में 4.0°C, 2016 में 4.2°C, 2017 में 3.2°C, 2018 में 4.2°C, 2019 में 4.0°C, 2020 में 2.4°C, 2021 में 1.1°C, 2022 में 4.2°C, 2023 में 1.4°C, 2024 में 3.3°C और 2025 में अब तक 4.8°C दर्ज किया गया है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर और आगे का रुझान
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण नए साल पर पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हुई थी। इसके बाद भी कुछ कमजोर पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय रहे, जिससे मौसम गतिविधियां बनी रहीं। आज जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी जारी रहने की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम में सुधार होगा। कल से मौसम गतिविधियां थम जाएंगी और अगले करीब पाँच दिनों तक कोई खास सिस्टम सक्रिय नहीं रहेगा।
उत्तर भारत और दिल्ली पर पड़ेगा असर
पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, खासकर दिल्ली पर दिखाई देगा। रात के तापमान में और गिरावट आएगी और कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच सकता है। दिल्ली में भी रात का तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच गिरने की संभावना है। हालांकि, इसे औपचारिक रूप से शीत लहर (कोल्ड वेव) नहीं माना जाएगा, क्योंकि तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना नहीं है। अगले एक सप्ताह तक दिल्ली-एनसीआर में किसी भी तरह की सर्दियों की बारिश के आसार नहीं हैं।








