अरब सागर में डिप्रेशन बरकरार, सौराष्ट्र-कोंकण में जारी रहेगा बेमौसम बरसाती दौर, जानें पूरा मौसम अपडेट
पूर्व-मध्य अरब सागर (East-Central Arabian Sea) में बना डिप्रेशन अब भी सक्रिय है। यह सिस्टम 22 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना था और तब से लगातार समुद्र के अलग-अलग हिस्सों में बना हुआ है। पिछले एक हफ्ते से यह सिस्टम बिना किसी तटीय टकराव (landfall) के समुद्र में ही घूम रहा है। पिछले 24 घंटों में यह धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ा है और कुछ समय तक इसी दिशा में रहेगा। इसके बाद, यह दिशा बदलकर धीरे-धीरे कमजोर पड़ते हुए अरब सागर में ही खत्म हो जाएगा।
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अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टमों का डंबल इफेक्ट
अब तक समुद्र के दोनों ओर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में प्रमुख मौसम प्रणालियाँ सक्रिय थीं। मौसम विज्ञान में इसे “डंबल इफेक्ट (Dumbbell Effect)” कहा जाता है, जब दोनों सिस्टम एक-दूसरे को सहारा देते हैं। हालांकि अब बंगाल की खाड़ी का भीषण चक्रवाती तूफान (Cyclone Montha) अंदरूनी इलाकों में पहुंचकर कमजोर हो गया है और जल्द ही खत्म हो जाएगा। इससे दोनों सिस्टमों के बीच बना यह संतुलन भी समाप्त होने की ओर है। कमजोर हुआ तूफान अब देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में पहुंचकर अपना असर छोड़ता जाएगा। इसका अवशेष अरब सागर के डिप्रेशन के साथ मिलकर सौराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र के मौसम को प्रभावित करेगा, हालांकि असर अब धीरे-धीरे कम होगा।
गुजरात और महाराष्ट्र में बेमौम बारिश
दक्षिण सौराष्ट्र, दक्षिण गुजरात और उत्तर कोंकण के तटीय इलाकों में इस डिप्रेशन के कारण मौसम में अनसीजनल बदलाव देखने को मिलेगा। सबसे ज्यादा असर महुवा, भावनगर, वेरावल, दीव और सोमनाथ जैसे स्थानों पर रहेगा। पश्चिमी तट पर भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, वापी और उत्तर कोंकण के इलाके भी प्रभावित रहेंगे। दहानू, पालघर, ठाणे, मुंबई, अलीबाग और रायगढ़ में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
अगले हफ्ते तक रह सकता है असर
गुजरात और महाराष्ट्र के इन हिस्सों में इस हफ्ते के दौरान बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियाँ जारी रहेंगी और इसका असर अगले हफ्ते की शुरुआत तक जा सकता है। मौसम में सुधार पहले कोंकण क्षेत्र में होगा, उसके बाद सौराष्ट्र में भी बारिश का दौर खत्म होगा। इस पूरे क्षेत्र में 4 नवंबर 2025 से मौसम साफ होने की संभावना है।
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