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[Hindi] जतिन सिंह, एमडी स्काइमेट: उत्तर भारत में घना कोहरा और शीतलहर, जबकि दक्षिण में चेन्नई सहित तमिलनाडु पर फिर से दिखेगा सक्रिय उत्तर-पूर्वी मॉनसून का प्रभाव

December 14, 2020 12:27 PM |

देश के मध्य भागों में इस सप्ताह भी बेमौसम बरसात जारी रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश मुख्यतः प्रभावित होगा। दक्षिण भारत में कमजोर पड़ा उत्तर-पूर्वी मॉनसून फिर से सक्रिय होने वाला है। इस सप्ताह तमिलनाडु में अच्छी वर्षा के आसार।

वर्तमान खरीफ विपणन सीजन (2020-21) में सरकार अपनी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अनुसार किसानों से खरीफ फसलों की खरीद कर रही है। 7 दिसंबर तक देश में कुल 350.29 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी थी। पिछले साल इस समय तक कुल 239.37 लाख मीट्रिक टन की हुई थी। यानि इस बार 19.81% ज़्यादा खरीद हुई है।

कुल खरीद में अकेले पंजाब में 202.77 लाख मीट्रिक टन की खरीद की गई है जो देश की कुल खरीद का 57.88% है। पिछले 3 वर्षों के दौरान देश में कुल धान खरीद में पंजाब की हिस्सेदारी आमतौर पर 27-31% के बीच रही है। प्रति वर्ष लगभग 150 लाख मीट्रिक टन की खरीद की जा रही थी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस सीजन में पंजाब में धान के उत्पादन में वृद्धि हुई है, लेकिन पंजाब में लगभग 50 लाख मीट्रिक टन धान उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों द्वारा बिक्री के लिए लाया गया था। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि इन दोनों राज्यों में कोई मज़बूत मंडी प्रणाली और एमएसपी दिशानिर्देश नहीं हैं जिससे किसानों को अपनी उपज की उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है।

खरीफ 2020-21 के लिए पंजाब के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार समेत विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में धान की खरीद प्रगति पर है।

इसके अलावा सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से अब तक तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान में किसानों से मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की 1.4 लाख मीट्रिक टन की खरीद की है। इन खाद्यान्नों के लिए कुल मंजूरी 48.11 लाख मीट्रिक टन की है। सरकार ने खरीफ सीजन 2020-21 के लिए धान और मक्का की खरीद के लिए निर्देश जारी किया है।

मौसम के वर्तमान परिदृश्य पर नज़र डालें तो इस सप्ताह उत्तर भारत के पहाडों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय और प्रभावी नहीं रहेंगे जिससे उत्तर-भारत के शहरों पर शीतलहर की स्थिति शुरू होने की संभावना है। इस सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे की वापसी होगी।

उत्तर भारत

पिछले सप्ताह के पश्चिमी विक्षोभ के बचे हुए प्रभाव और एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में आने से पर्वतीय राज्यों में ऊंचाई वाले स्थानों पर रुक-रुक कर इस सप्ताह भी हल्की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है। जबकि मैदानी इलाकों में पूरे सप्ताह मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहेगा। पंजाब में अमृतसर, फिरोजपुर, तरनतारन, फाजिल्का, भटिंडा, जालंधर और लुधियाना समेत पंजाब के अधिकांश इलाकों में सप्ताह के आखिर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के शहरों में कोहरे के साथ शीतलहर की स्थितियाँ अपेक्षित हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत

इस सप्ताह 15 और 16 दिसम्बर को बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। पटना, गया, रांची, जमशेदपुर और बोकारो और आसपास के शहरों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में सप्ताह के शुरुआती दिनों में छिटपुट बारिश हो सकती है। बाकी सभी दिनों में इन भागों में मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क रहेगा। दिन में खिली धूप होगी तो रात में सर्दी बढ़ेगी। इस सप्ताह के दौरान वाराणसी, प्रयागराज, पटना, गया, कोलकाता, बागडोगरा और गुवाहाटी समेत कई शहरों में घना कोहरा छा सकता है।

मध्य भारत

मध्य भारत के कई इलाकों में पिछले सप्ताह बारिश हुई थी। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से में इस सप्ताह भी 16 दिसंबर तक बारिश की गतिविधियां कुछ इलाकों में जारी रहने वाली हैं। इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। 17 दिसम्बर से मौसम साफ और शुष्क हो जाएगा।

प्रायद्वीपीय भारत

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मॉनसून फिर से प्रभावी होगा। बारिश का नया दौर 16 दिसंबर को तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश से शुरू होगा और धीरे-धीरे आंतरिक इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी। तटीय तमिलनाडु में 16 से 19 दिसंबर के बीच भारी वर्षा होने की संभावना है।

दिल्ली एनसीआर

दिल्ली के लोगों को इस हफ्ते अच्छा मौसम मिलने वाला है। दिन में खिली धूप। साफ आसमान और शुष्क मौसम। पश्चिमी शुष्क और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट होगी जिससे सप्ताह के मध्य से शीतलहर की स्थितियाँ शुरू हो सकती हैं। घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर 50 मीटर या उससे भी कम हो सकती है। यानि दिल्ली में रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होगा।

चेन्नई

इस सप्ताह फिर से चेन्नई में व्यापक बारिश होगी। दक्षिणी महानगर में 16 से 19 दिसंबर के बीच व्यापक वर्षा का अनुमान है। लेकिन बारिश की सबसे अधिक तीव्रता 16 और 17 दिसंबर को होगी।

दिल्ली प्रदूषण

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण पिछले हफ्ते प्रदूषण बढ़ा था। इसके लिए लगातार आने वाले पश्चिमी विक्षोभों जिम्मेदार माना जा सकता है। अब सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से आगे निकल गया है जिससे हवाओं की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिमी हो गई है। हवाएँ मध्यम रफ्तार की हैं जिससे दिल्ली के आसपास से प्रदूषण साफ हो जाएगा। इस सप्ताह वायु गुणवत्ता बेहतर रहने की उम्मीद है।

Image credit: DNA India

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