[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 15 अक्टूबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान
देश भर में मौसम प्रणाली:
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अभी भी 27.0°N/90.5°E, धुबरी, कोलकाता, अंगुल, खम्मम, होनावर और 14.0°N/73.0°E से होकर गुजर रही है।
अगले 24 से 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की देश के शेष हिस्सों से वापसी और दक्षिणी प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।
Advertisement
इससे जुड़ा ऊपरी वायुमंडलीय ट्रफ लगभग 82° पूर्वी देशांतर के साथ, 22° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में, समुद्र तल से 5.8 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैला हुआ है।
Advertisement
दूसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इससे जुड़ा ऊपरी ट्रफ लगभग 67° पूर्वी देशांतर के साथ, 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में, समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैला है।
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में दक्षिणी श्रीलंका के तट के पास बना चक्रवाती परिसंचरण अब कोमोरिन क्षेत्र और आसपास के समुद्री इलाकों में स्थित है। यह समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
एक पूर्वी ट्रफ कोमोरिन क्षेत्र से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैला है। यह श्रीलंका, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होकर गुजरता है। यह समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और ऊंचाई बढ़ने के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है।
राजस्थान के मध्य भाग पर समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर समुद्र तल से लगभग 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश से उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ फैला हुआ है, जो पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। यह समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
पहले दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई थी, लेकिन मौजूदा रिपोर्ट में ऐसी कोई सक्रिय मौसम प्रणाली दर्ज नहीं है। इसलिए इसे कम दबाव का क्षेत्र मानने या इसकी गति के बारे में कोई अनुमान नहीं लगाया गया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल
पिछले 24 घंटों के दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में अधिकांश स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें दर्ज की गईं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, तटीय ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा लक्षद्वीप में कई स्थानों पर बारिश हुई। देश के बाकी हिस्सों में मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहा।
वहीं, पोर्ट ब्लेयर में 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई है।
13 अक्टूबर को गुजरात के डीसा में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.8°C दर्ज किया गया।
तटीय कर्नाटक के कई स्थानों और असम-मेघालय, कोंकण-गोवा, विदर्भ, तेलंगाना तथा केरल में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।
Advertisement
मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिमाचल प्रदेश के मंडी में 15.2°C दर्ज किया गया।
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तर प्रदेश तथा मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।
पॉडकास्ट वीडियो: Northeast Monsoon की दस्तक कब,क्या इस साल तमिलनाडु और दक्षिण भारत को सामान्य बारिश मिलेगी? EP-101
अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे को दौरान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, पंजाब, हरियाणा तथा चंडीगढ़ में कई स्थानों से लेकर अधिकांश स्थानों तक बारिश होने की संभावना है। दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में गरज के साथ ओलावृष्टि की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। राजस्थान में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
मध्य और पश्चिम भारत के मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, महाराष्ट्र और गुजरात में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
पूर्वी भारत के गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ओडिशा में गरज-चमक के साथ 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
बिहार, झारखंड तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में कई स्थानों से लेकर अधिकांश स्थानों तक बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
केरल, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और लक्षद्वीप में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।














