[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 05 सितंबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Sep 4, 2026, 11:00 AM
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मौसम पूर्वानुमान

देश भर में मौसम प्रणाली:

अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से बढ़कर मध्य भागों में स्थित उत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर पहुंच गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है।अगले दो दिनों के दौरान इसके लगभग एक ही स्थान पर बने रहने की संभावना है।

मानसून ट्रफ समुद्र तल पर बीकानेर, सीकर, अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, डाल्टनगंज और बहरामपुर से होकर गुजर रही है तथा इसके बाद पूर्व दिशा में त्रिपुरा की ओर बढ़ रही है।

एक ट्रफ अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से बिहार, उत्तर झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और दक्षिण असम होते हुए नागालैंड तक करीब 1.5 किमी की ऊंचाई पर फैली हुई है।

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एक अन्य ट्रफ उत्तर-पूर्वी अरब सागर से गुजरात, उत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड तक फैली है। यह समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई के बीच स्थित है।

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समुद्र तल से लगभग 7.6 किमी की ऊंचाई पर तमिलनाडु तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में बना हुआ है, जिसकी धुरी 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में लगभग 75° पूर्वी देशांतर के पास है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर राज्यों, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और आंतरिक कर्नाटक में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।

जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, तेलंगाना, उत्तर तमिलनाडु, कोंकण और गोवा तथा लक्षद्वीप में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई। असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।

जिसमें नौगांव में 12 सेमी, चेरापूंजी में 7 सेमी, झांसी में 6 सेमी, चेन्नई-मीनमबक्कम में 4 सेमी ग्वालियर और सुल्तानपुर में 3-3 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।

देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.2°C पालायमकोट्टई, तमिलनाडु में दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.0°C हाफलोंग, असम में दर्ज हुआ।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटे को दौरान, उत्तर और पश्चिम मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है।

बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

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कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में काफी व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और आंतरिक कर्नाटक में छिटपुट बारिश हो सकती है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, रायलसीमा और केरल में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। हालांकि, कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें संभव हैं।

तटीय तमिलनाडु के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से तमिलनाडु और पुडुचेरी में छिटपुट बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश से इनकार नहीं किया जा सकता।

आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में बिजली चमकने और 40–50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है।

राजस्थान, बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30–40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

महत्वपूर्ण मौसम चेतावनी

अगले दो दिनों के दौरान मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के कारण जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात में व्यवधान की स्थिति बन सकती है।

5 सितंबर सुबह 5:30 बजे IST तक पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का खतरा है। प्रभावित क्षेत्रों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, नीमच, मंदसौर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, भरतपुर, झांसी और ललितपुर शामिल हैं।

भारी बारिश के कारण हिमालयी क्षेत्र, विशेषकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, में स्थानीय भूस्खलन और यातायात/आवागमन में बाधा की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

सोमालिया तट के साथ-साथ और उससे दूर तथा पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर के आसपास 45–55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

उत्तर और पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

हां, दिल्ली में अगले 24 घंटों के दौरान छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 5 सितंबर सुबह तक फ्लैश फ्लड का खतरा है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है