मुरासु कमजोर होकर डिप्रेशन में बदला, आंध्र प्रदेश में बारिश का खतरा धीरे-धीरे होगा कम, जानें पूरा मौसम अपडेट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Nov 4, 2026, 12:30 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

चक्रवात मुरासु अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • चक्रवाती तूफान मुरासु कमजोर होकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश पर डिप्रेशन में बदला।
  • तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।
  • छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
  • मछुआरे समुद्र में जाने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लें।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 6 नवंबर 2026 तक के लिए मान्य है। इस दौरान मुरासु के अवशेष कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकते हैं।

Advertisement

चक्रवाती तूफान मुरासु (Murasu) अब कमजोर होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदल गया है। बुधवार, 4 नवंबर को यह पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर सक्रिय है। हालांकि, तूफान की ताकत कम होने के बावजूद आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का खतरा अभी बना हुआ है। 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, नमी का प्रभाव उत्तर की ओर बढ़ने से छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

Advertisement

अब इस सिस्टम से सबसे बड़ा खतरा समुद्र तट पर चलने वाली विनाशकारी हवाओं के बजाय भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों का है। मंगलवार को तट से टकराने के दौरान तेज हवाओं का खतरा अधिक था, लेकिन जमीन पर आगे बढ़ने के साथ सिस्टम कमजोर हो गया है। अगले दो दिनों में मौसम की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, हालांकि अलग-अलग जिलों में मौसम का प्रभाव अलग रह सकता है।

चक्रवात मुरासु अपडेट, सैटेलाइट इमेज

चक्रवात मुरासु अपडेट, सैटेलाइट इमेज

खम्मम और विजयवाड़ा के आसपास सक्रिय रहा डिप्रेशन

बुधवार सुबह 5:30 बजे डिप्रेशन का केंद्र 17.0° उत्तरी अक्षांश और 80.1° पूर्वी देशांतर के पास था। यह खम्मम से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण और विजयवाड़ा से करीब 80 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इससे पहले के 6 घंटों के दौरान यह लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा में आगे बढ़ा। पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 12 घंटों के दौरान यह और कमजोर होकर स्पष्ट रूप से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) में बदल सकता है। हालांकि, यह आगे की संभावित स्थिति है।

बुधवार सुबह के मौसम विश्लेषण में सिस्टम की स्थिति डिप्रेशन के रूप में ही दर्ज की गई थी। जमीन पर पहुंचने के बाद किसी चक्रवाती सिस्टम की ताकत कम होने लगती है, क्योंकि जमीन पर घर्षण के कारण उसकी हवाओं का संगठित प्रवाह प्रभावित होता है। साथ ही, समुद्र से मिलने वाली गर्मी और ऊर्जा की आपूर्ति भी कम हो जाती है। इसके बावजूद सिस्टम के आसपास मौजूद नमी एक-दूसरे की ओर आने वाली हवाओं के साथ मिलकर बारिश की गतिविधियां जारी रख सकती है।

यही वजह है कि तेज हवाएं कमजोर पड़ने के बाद भी बारिश के बैंड सक्रिय रह सकते हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि तूफान की श्रेणी कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि जलभराव, पानी का तेज बहाव और नदी-नालों को पार करने का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है।

Untitled Design (6).png

Advertisement

4 नवंबर को आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश

4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक के साथ खराब मौसम रह सकता है। हालांकि, छत्तीसगढ़ के लिए 5 और 6 नवंबर को कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसी तरह, आंध्र प्रदेश के लिए भी 4 नवंबर के बाद भारी बारिश की चेतावनी हट जाती है, लेकिन गरज-चमक और तेज सतही हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, 6 नवंबर तक मौसम की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी जगह बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। स्थानीय स्तर पर मौसम अलग-अलग रह सकता है। ऐसे में लोगों को जलभराव वाली सड़कों से गुजरने, क्षतिग्रस्त पेड़ों और बिजली के टूटे तारों के पास जाने से बचना चाहिए। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय सड़कों की स्थिति की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। किसानों को अपनी उपज और भंडारित फसलों को सुरक्षित रखना चाहिए।

खेतों में जल निकासी की जांच केवल तभी करें, जब बाहर काम करना सुरक्षित हो। बारिश में थोड़ी देर का विराम आने का मतलब यह नहीं है कि सड़कें और खेत पूरी तरह सुरक्षित या सामान्य हो गए हैं। मछली पकड़ने जाने वाले लोगों को बंदरगाह और मत्स्य विभाग से अलग से अनुमति और सुरक्षा संबंधी जानकारी लेनी चाहिए, क्योंकि जमीन पर चक्रवाती सिस्टम कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि समुद्र में भी परिस्थितियां सुरक्षित हो गई हैं।

author image
AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

चक्रवाती तूफान मुरासु के अवशेष के रूप में बना गहरा अवदाब अब कमजोर होकर अवदाब में बदल गया है। यह पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास सक्रिय है। अगले 12 घंटों में इसके और कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रायलसीमा, दक्षिणी कर्नाटक, दक्षिणी छत्तीसगढ़, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में भी बारिश संभव है।

हां, अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

Advertisement