दिल्ली में सर्दियों का असली कोहरा गायब, प्रदूषण से कम हुई विज़िबिलिटी, जानें पूरा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Nov 28, 2025, 11:00 AM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • दिल्ली में दृश्यता की गिरावट स्मॉग की वजह से है, कोहरे से नहीं
  • सर्दियों के कोहरे के लिए उच्च नमी, हल्की हवा, 8–10°C तापमान की जरूरत।
  • नवंबर में कोई भी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत नहीं पहुंचा।
  • असली सर्दियों का कोहरा अब दिसंबर के दूसरे भाग में संभावित।

दिल्ली को अब भी सर्दियों में आमतौर पर आने वाले कोहरे का इतंजार है, जो एयर ट्रैफिक और रोजमर्रा की आवाजाही दोनों के लिए विज़िबिलिटी को घटाता है। शैलो फ़ॉग (हल्की धुंध) के लिए क्षैतिज दृश्यता 1000 मीटर से कम, मध्यम कोहरा के लिए 500 मीटर से कम, जबकि घनी धुंध (Dense Fog) के लिए दृश्यता 100 मीटर से कम होनी चाहिए। पलम हवाई अड्डे की दृश्यता कभी-कभी 1000 मीटर से नीचे जा रही है, लेकिन यह गिरावट सर्दियों की धुंध नहीं, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से छाए स्मॉग/प्रदूषण की वजह से हो रही है।

दिल्ली में नवंबर–जनवरी का सामान्य धुंध पैटर्न

दिल्ली में औसतन नवंबर में 12, दिसंबर में 19 और जनवरी में 21 धुंध वाले दिन देखे जाते हैं। हालांकि 1000 मीटर से कम दृश्यता तकनीकी रूप से धुंध मानी जा सकती है, लेकिन सर्दियों की वास्तविक धुंध और लगातार बने रहने वाले स्मॉग में साफ़ अंतर है। दिल्ली में पहले कई मौकों पर नवंबर में भी सर्दियों की धुंध ने सामान्य गतिविधियों को प्रभावित किया है।

सर्दियों की धुंध बनने के लिए ज़रूरी मौसम की शर्तें

सर्दियों वाला कोहरा बनने के लिए तीन मुख्य मौसम कारक ज़रूरी होते हैं,जैसे उच्च आर्द्रता (ह्यूमिडिटी), धीमी हवाएँ और हल्की ठंड के साथ न्यूनतम तापमान 8–10°C के बीच होना चाहिए। इनमें तापमान थोड़ा ऊपर–नीचे हो सकता है, लेकिन हवा और नमी का स्तर बेहद अहम होता है।

कम ऊँचाई पर हल्की हवा धुंध बनने में मदद करती है, जबकि बिल्कुल शांत हवा धुंध बनने में रुकावट डाल सकती है। सापेक्षिक आर्द्रता (RH) 90% से ज़्यादा और बेहतर हो तो लगभग 100% होनी चाहिए। अक्सर ये सभी परिस्थितियाँ तब बनती हैं जब कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के पहाड़ों से गुजरता है और पंजाब–हरियाणा–दिल्ली के मैदानी इलाकों में इसका असर दिखाई देता है।

नवंबर में पश्चिमी विक्षोभ का अभाव और दिल्ली में सूखा मौसम

अब तक कोई भी प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को नहीं छू पाया है। पंजाब और हरियाणा में नवंबर लगभग पूरी तरह शुष्क रहा है, केवल पहले हफ्ते में हल्की बारिश हुई थी। दिल्ली में तो नवंबर में कोई भी सर्दियों से जुड़ी गतिविधि नहीं हुई है। आने वाले लगभग 10 दिनों में भी ऐसे हालात बनने की उम्मीद नहीं है। इसी वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में पहली बार असली विंटर फ़ॉग की एंट्री संभवतः दिसंबर 2025 के दूसरे पखवाड़े में हो सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नमी कम है, हवाएँ धीमी नहीं हैं और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय नहीं है। यही कारण है कि कोहरा की जगह स्मॉग छाया हुआ है।

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए असली विंटर फ़ॉग दिसंबर 2025 के दूसरे पखवाड़े में बन सकता है।

अभी दृश्यता में गिरावट प्रदूषण और स्मॉग के कारण है, न कि सर्दियों की प्राकृतिक धुंध से।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है