दिल्ली में अगस्त में सामान्य से ज्यादा बारिश, सितंबर की शुरुआत भी बरसात के साथ, जानें पूरा पूर्वानुमान

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 31, 2026, 1:15 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • अगस्त में सफदरजंग में 354.1 मिमी बारिश, सामान्य 226.8 मिमी से 50% से अधिक दर्ज।
  • बंगाल की खाड़ी का सिस्टम झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी एमपी की ओर बढ़ेगा।
  • 5-7 सितंबर को दिल्ली-NCR में गरज-चमक के साथ बारिश ज्यादा रह सकती है।
  • दिल्ली में आज और कल करीब 35°C, बुधवार से तापमान में गिरावट संभव।
  • पूर्वानुमान वैधता: दिल्ली-NCR के लिए यह पूर्वानुमान 2 सितंबर से 8 सितंबर 2026 तक मान्य है। 8 सितंबर से मौसम गतिविधियों में कमी के संकेत हैं।

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दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले लंबे वीकेंड के दौरान मौसम ज्यादातर सूखा रहा। दिल्ली की दोनों प्रमुख वेधशालाओं पालम और सफदरजंग में पिछले पांच दिनों के दौरान एक भी बारिश दर्ज नहीं हुई। हालांकि, पूरे अगस्त महीने में दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग में 354.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि अगस्त में सामान्य बारिश 226.8 मिमी होती है। यानी अगस्त में दिल्ली में सामान्य से 50% से अधिक बारिश हुई है। तुलना करें तो अगस्त 2024 में सफदरजंग में 390.6 मिमी और अगस्त 2025 में 400.1 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। वहीं, पिछले करीब 20 वर्षों में अगस्त 2022 और 2023 सबसे कम बारिश वाले साल रहे, जब पूरे महीने में क्रमशः 41.6 मिमी और 91.8 मिमी बारिश हुई थी। अगस्त में दिल्ली की अब तक की सबसे अधिक मासिक बारिश 583.6 मिमी वर्ष 1961 में दर्ज की गई थी।

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मानसून ट्रफ की स्थिति से बढ़ेगी दिल्ली में बारिश

इस समय दिल्ली में बारिश कराने में मानसून ट्रफ की अहम भूमिका है। पिछले करीब पांच दिनों से यह ट्रफ दिल्ली से काफी दूर उत्तर दिशा में बनी हुई थी, जिसके कारण राजधानी में मौसम गतिविधियां कमजोर रहीं। फिलहाल मानसून ट्रफ अमृतसर, पटियाला, बरेली, सुल्तानपुर और गया से होते हुए आगे बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है। ट्रफ का उत्तर की ओर रहना आमतौर पर किसी भी स्थान पर बारिश के लिए अनुकूल नहीं होता। लेकिन अब परिस्थितियां ट्रफ के दक्षिण की ओर खिसकने के लिए बन रही हैं। इसके कारण दिल्ली-NCR में मौसम गतिविधियां फिर बढ़ने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से मिलेगा बारिश को सहारा

उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के ऊपर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 20,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। यह सिस्टम अगले 2 से 3 दिनों में झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से सितंबर के पहले सप्ताह में कई जगहों पर मानसून सक्रिय और कुछ क्षेत्रों में जोरदार हो सकता है। इसके अलावा उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी ऊपरी वायुमंडल में मौजूद है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मानसून ट्रफ की स्थिति बदलेगी और यह दिल्ली के करीब आ सकती है।

दिल्ली में 5 से 7 सितंबर के बीच बढ़ेगी बारिश

आज दिल्ली-NCR में मौसम गतिविधि होने की संभावना कम है। हालांकि, पूरे सप्ताह बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना काफी अधिक है। बारिश की गतिविधियां कल देर दोपहर से शुरू हो सकती हैं और देर शाम तथा रात में इनमें बढ़ोतरी हो सकती है। 5 से 7 सितंबर के बीच बारिश की तीव्रता और दायरा सबसे अधिक रहने की उम्मीद है। आज और कल तापमान करीब 35°C के आसपास रह सकता है, जबकि बुधवार से तापमान में गिरावट शुरू होने की संभावना है। 8 सितंबर से मौसम गतिविधियों में भारी कमी आ सकती है। कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत दिल्ली-NCR में बारिश और सुहावने मौसम के साथ होने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दिल्ली-NCR में बारिश की गतिविधियां 3 सितंबर से बढ़ सकती हैं, जबकि 5 से 7 सितंबर के बीच बारिश का दायरा और तीव्रता अधिक रहने की संभावना है।

सफदरजंग में अगस्त के दौरान 354.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 226.8 मिमी से 50% से अधिक है।

बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव क्षेत्र और उत्तरी पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून ट्रफ दिल्ली के करीब आ सकती है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है