पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड पर निम्न दबाव, पूर्वी-मध्य भारत में भारी बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 24, 2026, 2:00 PM
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मानसून 2026 अपडेट, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • निम्न दबाव झारखंड-छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा, जिससे बारिश का दायरा बढ़ेगा।
  • 24–26 अगस्त के बीच पूर्वी-मध्य भारत में मौसम सबसे सक्रिय रह सकता है।
  • राजस्थान और मध्य प्रदेश से गतिविधियां 26–27 अगस्त तक घटेंगी।
  • इसके बाद बारिश का फोकस पूर्वी भारत की ओर खिसकेगा।
  • पूर्वानुमान वैधता: 24 अगस्त से अगस्त के अंतिम दिनों तक।

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उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ गया है और अब इसका ज्यादा हिस्सा समुद्र के बजाय जमीन पर है। यह सिस्टम फिलहाल पश्चिम बंगाल, उत्तर ओडिशा और झारखंड के हिस्सों पर बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 20,000 फीट से भी अधिक ऊंचाई तक फैला हुआ है। अगले समय में निम्न दबाव का क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तरी झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ के आसपास पहुंच सकता है। हालांकि, इसके बाद इसके बहुत ज्यादा अंदर तक जाने की संभावना नहीं है। सप्ताह के मध्य के आसपास यह सिस्टम बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के आसपास धीमा पड़ सकता है।

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इस निम्न दबाव क्षेत्र को मजबूत बनाए रखने और इसके प्रभाव को बड़े क्षेत्र तक पहुंचाने में कई मौसम प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। मानसून ट्रफ का पूर्वी सिरा चक्रवाती परिसंचरण की धुरी के साथ जुड़ा हुआ है। इसके अलावा करीब 22° उत्तरी अक्षांश के आसपास पूर्व-पश्चिम दिशा में एक शियर जोन भी बना हुआ है। यह शियर जोन निम्न दबाव क्षेत्र के अभिसरण क्षेत्र के लगभग समानांतर है और परिसंचरण के केंद्र से थोड़ा आगे स्थित है। इन सभी मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से पूर्वी भारत में मौसम गतिविधियां बनी रहेंगी और इनका प्रभाव धीरे-धीरे मध्य भारत के हिस्सों तक फैल सकता है।

24 से 26 अगस्त तक सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा मौसम

मौसम गतिविधियों का सबसे ज्यादा विस्तार और प्रभाव 24 से 26 अगस्त 2026 के बीच रहने की संभावना है। अगले दो दिनों में ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश तथा झारखंड और उत्तर प्रदेश के आसपास के हिस्सों में काफी व्यापक बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तेज मौसम और तूफानी परिस्थितियों का असर पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे राजस्थान के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच सकता है। इसके बाद मौसम गतिविधियां धीरे-धीरे क्षेत्रफल और तीव्रता दोनों में कम होने लगेंगी।

26 अगस्त से राजस्थान से तेज मौसम गतिविधियां हटने लगेंगी, जबकि 27 अगस्त तक पूरे मध्य प्रदेश से भी इसका प्रभाव काफी हद तक समाप्त हो सकता है। इसके बाद सक्रिय मौसम पूर्व और उत्तर-पूर्व की ओर खिसकेगा। बिहार, झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़, उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ज्यादातर हिस्से इसकी चपेट में आ सकते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, खासकर पश्चिमी बिहार से लगे क्षेत्रों में भी गरज-चमक और बारिश का असर पहुंच सकता है। वहीं 26 अगस्त के बाद देश के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मौसम गतिविधियां काफी कम रहने की संभावना है और महीने के बाकी दिनों में इनके दोबारा सक्रिय होने की संभावना कम है।

केरल, तटीय कर्नाटक और गोवा में मानसून रहेगा सक्रिय

मध्य और पश्चिमी भारत से मौसम गतिविधियां कमजोर होने के बाद भी देश के कुछ दक्षिण-पश्चिमी तटीय हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। केरल, तटीय कर्नाटक और गोवा में इस सप्ताह सक्रिय मानसूनी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। यानी इस सप्ताह मौसम का मुख्य फोकस पूर्वी और मध्य भारत में रहेगा, जबकि दक्षिण-पश्चिमी तट पर भी मानसून की सक्रियता बनी रहेगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

निम्न दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम बंगाल, उत्तर ओडिशा और झारखंड के हिस्सों पर है और आगे उत्तरी झारखंड तथा उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के झारखंड व उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इसका असर पश्चिमी मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच सकता है।

26 अगस्त के बाद राजस्थान और मध्य भारत में मौसम गतिविधियां कमजोर होंगी और बारिश का फोकस बिहार, झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़, उत्तर ओडिशा तथा गंगीय पश्चिम बंगाल की ओर खिसकेगा।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है