मानसून का फोकस पूर्वी भारत की ओर शिफ्ट, इस सप्ताह बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- जुलाई में पश्चिम और मध्य भारत में अच्छी बारिश, पूर्वी राज्यों में कमी बरकरार।
- बिहार में 40%, झारखंड और पूर्वी UP में 32% बारिश की कमी।
- 5-6 अगस्त को कई पूर्वी राज्यों में भारी बारिश के आसार।
- 7-9 अगस्त में बारिश का फोकस बिहार-झारखंड-ओडिशा-छत्तीसगढ़ पर रहेगा।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 12-15 अगस्त तक मान्य है।
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जुलाई के दौरान देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मानसून ने अच्छा प्रदर्शन किया। मानसून के मुख्य वर्षा क्षेत्र में भी बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हुई। हालांकि, पूर्वी भारत को मानसून की कुल बारिश में अपेक्षाकृत कम हिस्सा मिला और इन इलाकों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन कई राज्य अभी भी बड़े डेफिसिट से जूझ रहे हैं। इस सप्ताह बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के उन हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जहां अब तक मानसून कमजोर रहा है।
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इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ ने सीजन के शुरुआती हिस्से में हुई बारिश की कमी को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया है। ओडिशा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है और यहां मौसमी बारिश सामान्य से 26% अधिक है। पश्चिम बंगाल में मौसमी कमी केवल 2% और छत्तीसगढ़ में 5% रह गई है। इसके विपरीत बिहार में बारिश की कमी 40%, झारखंड में 32% और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 32% है।
असम में बाढ़ प्रभावित इलाकों पर बढ़ेगा खतरा
आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों का मुख्य केंद्र देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्से बनने वाले हैं। हालांकि, चिंता की बात यह है कि असम घाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों और उससे सटे मेघालय में फिर भारी बारिश हो सकती है। इससे वहां बाढ़ की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। दूसरी ओर, मानसून की गतिविधियां पूर्वी हिस्सों की ओर खिसकने के कारण देश के ज्यादातर अन्य क्षेत्रों, खासकर पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां धीमी पड़ने की संभावना है।
उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों और उनके आसपास के मैदानी इलाकों यानी तलहटी में हालांकि मौसम ज्यादा सक्रिय होगा और भारी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुल मिलाकर अगले कुछ दिनों में मानसून का असर देश के पूर्वी हिस्सों के साथ हिमालय की तलहटी और पूर्वोत्तर भारत में ज्यादा देखने को मिलेगा।
नेपाल की तलहटी से पूर्वोत्तर तक भारी बारिश
5 और 6 अगस्त को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की गतिविधियां फैल सकती हैं। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भी मानसून सक्रिय रहेगा और वहां मध्यम स्तर की बारिश संभव है। इसके बाद 7 से 9 अगस्त के बीच मौसम की सबसे ज्यादा सक्रियता ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ की सीमा से जुड़े इलाकों में केंद्रित रहने की संभावना है। इन राज्यों के बाकी हिस्सों में इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। करीब दो दिनों तक इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां थोड़ी कमजोर पड़ने के बाद 12 से 15 अगस्त के बीच एक नया मौसम सिस्टम या बारिश का दौर फिर इन सभी इलाकों को प्रभावित कर सकता है।
इस दौरान मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से काफी उत्तर की ओर खिसक सकती है। हालांकि, इसे सामान्य अर्थों में मानसून का ‘ब्रेक’ नहीं कहा जाएगा, लेकिन बारिश का मुख्य फोकस नेपाल की तलहटी, बिहार, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय की ओर बढ़ जाएगा। इन इलाकों में भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
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