मानसून का फोकस पूर्वी भारत की ओर शिफ्ट, इस सप्ताह बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 5, 2026, 2:45 PM
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मानसून 2026 अपडेट, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • जुलाई में पश्चिम और मध्य भारत में अच्छी बारिश, पूर्वी राज्यों में कमी बरकरार।
  • बिहार में 40%, झारखंड और पूर्वी UP में 32% बारिश की कमी।
  • 5-6 अगस्त को कई पूर्वी राज्यों में भारी बारिश के आसार।
  • 7-9 अगस्त में बारिश का फोकस बिहार-झारखंड-ओडिशा-छत्तीसगढ़ पर रहेगा।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 12-15 अगस्त तक मान्य है।

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जुलाई के दौरान देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मानसून ने अच्छा प्रदर्शन किया। मानसून के मुख्य वर्षा क्षेत्र में भी बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हुई। हालांकि, पूर्वी भारत को मानसून की कुल बारिश में अपेक्षाकृत कम हिस्सा मिला और इन इलाकों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन कई राज्य अभी भी बड़े डेफिसिट से जूझ रहे हैं। इस सप्ताह बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के उन हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जहां अब तक मानसून कमजोर रहा है।

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इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ ने सीजन के शुरुआती हिस्से में हुई बारिश की कमी को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया है। ओडिशा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है और यहां मौसमी बारिश सामान्य से 26% अधिक है। पश्चिम बंगाल में मौसमी कमी केवल 2% और छत्तीसगढ़ में 5% रह गई है। इसके विपरीत बिहार में बारिश की कमी 40%, झारखंड में 32% और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 32% है।

असम में बाढ़ प्रभावित इलाकों पर बढ़ेगा खतरा

आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों का मुख्य केंद्र देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्से बनने वाले हैं। हालांकि, चिंता की बात यह है कि असम घाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों और उससे सटे मेघालय में फिर भारी बारिश हो सकती है। इससे वहां बाढ़ की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। दूसरी ओर, मानसून की गतिविधियां पूर्वी हिस्सों की ओर खिसकने के कारण देश के ज्यादातर अन्य क्षेत्रों, खासकर पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां धीमी पड़ने की संभावना है।

उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों और उनके आसपास के मैदानी इलाकों यानी तलहटी में हालांकि मौसम ज्यादा सक्रिय होगा और भारी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुल मिलाकर अगले कुछ दिनों में मानसून का असर देश के पूर्वी हिस्सों के साथ हिमालय की तलहटी और पूर्वोत्तर भारत में ज्यादा देखने को मिलेगा।

नेपाल की तलहटी से पूर्वोत्तर तक भारी बारिश

5 और 6 अगस्त को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की गतिविधियां फैल सकती हैं। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भी मानसून सक्रिय रहेगा और वहां मध्यम स्तर की बारिश संभव है। इसके बाद 7 से 9 अगस्त के बीच मौसम की सबसे ज्यादा सक्रियता ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ की सीमा से जुड़े इलाकों में केंद्रित रहने की संभावना है। इन राज्यों के बाकी हिस्सों में इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। करीब दो दिनों तक इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां थोड़ी कमजोर पड़ने के बाद 12 से 15 अगस्त के बीच एक नया मौसम सिस्टम या बारिश का दौर फिर इन सभी इलाकों को प्रभावित कर सकता है।

इस दौरान मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से काफी उत्तर की ओर खिसक सकती है। हालांकि, इसे सामान्य अर्थों में मानसून का ‘ब्रेक’ नहीं कहा जाएगा, लेकिन बारिश का मुख्य फोकस नेपाल की तलहटी, बिहार, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय की ओर बढ़ जाएगा। इन इलाकों में भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

अगस्त के शुरुआती और मध्य हिस्से में मानसून का फोकस मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों पर रहने की संभावना है।

बिहार में मौसमी बारिश की कमी करीब 40% और झारखंड में 32% है। आने वाले बारिश के दौर से इन राज्यों में कमी कुछ कम हो सकती है।

मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसकने के कारण कुछ मैदानी क्षेत्रों में बारिश कम हो सकती है, लेकिन इसे सामान्य मानसून ब्रेक नहीं माना जा रहा है। इस दौरान नेपाल की तलहटी, बिहार, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश जारी रह सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है