मानसून हुई धीमा, मुंबई में अगले सात दिन नहीं होगी भारी बारिश, जानें पूरा मौसम अपडेट

By: Skymet team | Edited By:
Jun 26, 2025, 7:15 PM
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मुंबई में पिछले एक सप्ताह से पारंपरिक भारी बारिश देखने को नहीं मिली है। सांताक्रूज़ स्थित बेस वेधशाला ने अब तक जून महीने में एक भी दिन 24 घंटे में तीन अंकों (100 मिमी या उससे अधिक) की वर्षा दर्ज नहीं की है। हालांकि, कोलाबा में दो मौकों पर ऐसी बारिश दर्ज की गई है और वहां सांताक्रूज़ से ज्यादा बारिश हुई है।

मुंबई में जून महीने का सामान्य बारिश आंकड़ा 493.1 मिमी होता है। 1 जून से 26 जून के बीच सांताक्रूज़ में 478.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आज सुबह 8:30 से 11:30 बजे के बीच इसमें और 16 मिमी की बढ़ोत्तरी हुई है। इस तरह, सांताक्रूज़ और कोलाबा दोनों वेधशालाएं इस महीने के औसत वर्षा आंकड़े को पार कर चुकी हैं। आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश इस मानसून के शुरुआती महीने के लिए बोनस साबित होगी।

मुंबई में भारी बारिश के लिए जरूरी मौसम प्रणाली

मुंबई में भारी बारिश एक विशेष मौसम प्रणाली के सक्रिय होने पर होती है। पश्चिमी घाट के समानांतर समुद्र के ऊपर उत्तर-दक्षिण ट्रफ (गड्ढा नुमा दबाव क्षेत्र) मानसून के दौरान एक अर्ध-स्थायी प्रणाली बन जाती है, जो लगातार बारिश को बढ़ावा देती है।

पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मजबूत सिस्टम पश्चिमी हवाओं की धारा को मजबूत करते हैं, जिससे कोंकण क्षेत्र में मानसूनी बारिश तेज हो जाती है। इसके अलावा, इन सिस्टम के अवशेष जब चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) के रूप में पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तरी गुजरात और दक्षिण राजस्थान के ऊपर पहुंचते हैं, तब मुंबई में भारी से बहुत भारी वर्षा होती है।

फिलहाल मौसम प्रणाली शांत, आने वाला हफ्ता रहेगा धीमा

फिलहाल इन सभी प्रमुख मौसम प्रणालियों की सक्रियता नहीं देखी जा रही है, और यही स्थिति अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है। इसका मतलब है कि जून के बाकी दिनों और जुलाई के शुरुआती दिनों में मुंबई और उपनगरीय इलाकों में सक्रिय या जोरदार मानसूनी हालात की संभावना कम है।

हालांकि, अगले एक हफ्ते तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक से दो घंटे की तीव्र बौछारें मुख्य विशेषता रहेंगी। बंगाल की खाड़ी में एक नया मानसूनी सिस्टम जल्द ही बनने वाला है। इसका प्रभावी अवशेष एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में 3-4 जुलाई के आसपास दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश तक पहुंच सकता है। उस समय बारिश की तीव्रता और अवधि दोनों बढ़ने की संभावना है।

जुलाई: सबसे बारिश वाला महीना

जुलाई मुंबई के लिए वर्षा का सबसे सक्रिय महीना होता है, जिसमें औसतन 840.7 मिमी बारिश दर्ज होती है। जुलाई और अगस्त महीने में मुंबई में मानसून की सबसे ज्यादा और तेज बारिश होती है।

इस दौरान सबसे अधिक यातायात, रेलवे, सड़क और हवाई सेवाओं में बाधाएं आती हैं। जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और शहर की व्यवस्था कई बार चरमरा जाती है। ऐसे में सावधानी बरतना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना बेहद जरूरी है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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